पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर कई पाबंदियां लागू कर रखी हैं, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर असर पड़ा है। भारत में एलपीजी सिलिंडरों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। इस बीच एक अच्छी खबर आई है कि होर्मुज से भारतीय जहाजों को सुरक्षित निकलने की अनुमति मिल रही है।

भारतीय जहाज सुरक्षित पार

हाल ही में एक और भारतीय ध्वज वाला जहाज होर्मुज स्ट्रेट पार करने में सफल रहा। यह वही मार्ग है, जो अमेरिका और इजरायल के बीच जारी तनाव के कारण जोखिम भरा माना जा रहा था। इस जहाज पर करीब 44,000 मीट्रिक टन एलपीजी लदा हुआ है।

मुंबई की ओर बढ़ रहा टैंकर

ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, एलपीजी टैंकर “ग्रीन सान्वी” फारस की खाड़ी से होकर एक सुरक्षित कॉरिडोर के जरिए होर्मुज स्ट्रेट के पूर्वी हिस्से में पहुंचा है। अब यह टैंकर मुंबई बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस जहाज के आने से एलपीजी की कमी के कारण उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलेगी।

होर्मुज में फंसे अन्य जहाज

वहीं, होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में अभी 17 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें दो जहाज—“ग्रीन आशा” और “जग विक्रम”—एलपीजी से भरे हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इन जहाजों के सुरक्षित भारत आने के बाद घरेलू बाजार में एलपीजी की किल्लत कम हो सकती है।

पश्चिम एशिया में जारी लड़ाई के बावजूद, भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरान से अनुमति मिलना एलपीजी आपूर्ति के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।