पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जनरल माइक फ्लिन ने आरोप लगाया है कि ईरान द्वारा अमेरिकी विमानवाहक पोत को निशाना बनाने के लिए जिन मिसाइलों का उपयोग किया गया, वे चीन में निर्मित थीं। उनका यह भी कहना है कि इन हथियारों को पाकिस्तान के रास्ते ईरान तक पहुंचाया गया।

‘यह युद्ध जैसी कार्रवाई’ – माइक फ्लिन

माइक फ्लिन ने सोशल मीडिया पर एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह अमेरिका के खिलाफ सोची-समझी सैन्य कार्रवाई मानी जाएगी। उन्होंने इसे सीधे तौर पर ‘एक्ट ऑफ वॉर’ यानी युद्ध जैसी कार्रवाई बताया।

फ्लिन ने अमेरिका से चीन और पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की मांग की। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अगर इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो अमेरिका में पढ़ रहे लाखों चीनी छात्रों को वापस भेजने जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल

फ्लिन ने पाकिस्तान की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि एक ओर पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कराने की कोशिश कर रहा है, जबकि दूसरी ओर उस पर हथियारों की आपूर्ति में मदद करने के आरोप लग रहे हैं। ऐसे में वह निष्पक्ष मध्यस्थ कैसे हो सकता है?

फरवरी से जारी है संघर्ष

उल्लेखनीय है कि फरवरी 2026 से अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बना हुआ है। हाल ही में दोनों देशों के बीच दो सप्ताह के लिए युद्धविराम पर सहमति बनी थी।

इसी दौरान ईरान ने दावा किया था कि उसने अपने तटीय क्रूज मिसाइलों से अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को निशाना बनाया था। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस हमले में चीनी तकनीक और पाकिस्तानी मार्ग के इस्तेमाल की पुष्टि होती है, तो इससे न केवल मौजूदा युद्धविराम खतरे में पड़ सकता है बल्कि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है।