नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संभावित ऑस्ट्रेलिया यात्रा को लेकर उत्साह जताते हुए भारत को वैश्विक स्तर पर तेजी से उभरती आर्थिक ताकत बताया है। कैनबरा में संसद को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत न केवल दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है, बल्कि आने वाले वर्षों में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

अल्बनीज ने भारत को ऑस्ट्रेलिया का अहम रणनीतिक और आर्थिक साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता, व्यापार और विकास के लिए भारत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

इस बीच ऑस्ट्रेलिया में भारत के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने अल्बनीज के संबोधन का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। उन्होंने कहा कि जब ऑस्ट्रेलिया का प्रधानमंत्री भारत के बारे में इतनी सकारात्मक और मजबूती भरी बातें करता है, तो भारत में उच्चायुक्त के रूप में काम करना गर्व का विषय बन जाता है।

भारत की आर्थिक प्रगति को बताया अवसर

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की तेज आर्थिक वृद्धि केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र को फायदा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऑस्ट्रेलिया हिंद महासागर और प्रशांत महासागर दोनों क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है, इसलिए भारत के साथ मजबूत साझेदारी दोनों देशों के हित में है।

उन्होंने 2022 में हुए आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते का भी उल्लेख किया और कहा कि इस समझौते से व्यापारिक संबंधों को नई गति मिली है। शिक्षा, संस्कृति और क्रिकेट जैसे क्षेत्रों ने भी दोनों देशों के लोगों को करीब लाने में अहम भूमिका निभाई है।

भारत यात्रा की यादें की साझा

अल्बनीज ने अपने पुराने भारत दौरों का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने पहली बार 1991 में एक बैकपैकर के तौर पर भारत की यात्रा की थी। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी वह दो बार भारत आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत को सही मायनों में समझने के लिए ट्रेन और बस से यात्रा करना सबसे बेहतरीन तरीका है, क्योंकि इससे देश की विविधता और लोगों की गर्मजोशी को करीब से महसूस किया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी करने का अवसर मिलेगा, जिसे वह सम्मान की बात मानते हैं।

भारतीय समुदाय की भूमिका की सराहना

अल्बनीज ने ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि करीब दस लाख भारतीय मूल के लोग ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था, छोटे व्यवसायों और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार भारतीय समुदाय के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह की विभाजनकारी राजनीति का समर्थन नहीं करेगी।

मोदी और पेनी वोंग के बीच हुई चर्चा

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं के बीच भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि बातचीत के दौरान रक्षा, व्यापार, तकनीक और सप्लाई चेन जैसे विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई।

पेनी वोंग हाल ही में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने भारत आई थीं। इस दौरान उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ कई अहम मुद्दों पर बातचीत की। बैठक में ऊर्जा, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, साइबर टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी आने वाले समय में आर्थिक और सामरिक दोनों स्तरों पर बेहद अहम साबित हो सकती है।