मध्य पूर्व की स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है। अमेरिका और इजरायल की ओर से किसी भी हाल में संघर्ष विराम की संभावना नहीं दिखाई दे रही है, और ईरान भी पीछे नहीं हट रहा है। इसी बीच, इजरायल ने ईरान के सबसे बड़े पेट्रोकेमिकल क्षेत्र पर हवाई हमला किया।
इस हमले में कम से कम पांच लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। फिलहाल, ईरान सरकार ने इस क्षेत्र में हुए नुकसान की सटीक जानकारी साझा नहीं की है।
ईरान ने किया काउंटर अटैक
इजरायल के हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की है। ईरान ने कुवैत में स्थित एक पावर प्लांट पर ड्रोन हमले किए, जिसके चलते पावर प्लांट को गंभीर क्षति पहुंची और दो यूनिट्स को बंद करना पड़ा।
अमेरिका और इजरायल को दी चेतावनी
ईरान के एक वरिष्ठ कमांडर ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका या इजरायल ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला करता है, तो उनका जवाब पश्चिम एशिया में स्थित सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल की महत्वपूर्ण इमारतों पर विनाशकारी हमलों के रूप में दिया जाएगा।
ट्रंप के कदम पर ईरान की प्रतिक्रिया
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की धमकी पर ईरान के खातम अल-अनबिया मुख्यालय के प्रमुख कमांडर अली अब्दुल्लाही ने कहा कि "लगातार असफलताओं के बाद अमेरिका का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रपति ने घबराहट और असंतुलन में ईरान की संपत्तियों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकी दी। ईरानी सशस्त्र बल अपने अधिकारों और राष्ट्रीय संपत्तियों की रक्षा में किसी भी स्थिति में पीछे नहीं हटेंगे और हमलावरों को उनकी असली औकात दिखाएंगे।"