चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में इस बार बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके ने अपने पहले ही चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सभी को चौंका दिया। टीवीके ने 107 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि सत्तारूढ़ द्रमुक और विपक्षी अन्नाद्रमुक को करारी चुनौती मिली।

सबसे बड़ा झटका द्रमुक को लगा, जहां मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को उनके ही कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र में हार का सामना करना पड़ा। उन्हें 8,795 वोटों के अंतर से शिकस्त मिली, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी।

विजय ने पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट दोनों सीटों से जीत हासिल की है। टीवीके के प्रदर्शन ने यह संकेत दिया है कि राज्य की राजनीति में एक नया विकल्प तेजी से उभर रहा है।

चुनाव परिणाम आने के साथ ही पनायूर स्थित टीवीके कार्यालय के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जुट गई। कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़े, मिठाइयां बांटीं और जीत का जमकर जश्न मनाया।

पार्टी के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक समीकरण भी बदलते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस, आईयूएमएल, वाम दल, वीसीके और पीएमके जैसी पार्टियों ने मिलकर कुछ सीटों पर जीत या बढ़त दर्ज की है, जिससे भविष्य में गठबंधन की राजनीति और दिलचस्प होने की संभावना है। टीवीके को सरकार बनाने के लिए 118 सीटों के आंकड़े तक पहुंचना होगा।

इस चुनाव में कई बड़े और छोटे अंतर वाली जीतें भी चर्चा में रहीं। अन्नाद्रमुक के ए.के. पलानीस्वामी ने अपने क्षेत्र एडप्पाडी से 98,110 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की, जो इस चुनाव की सबसे बड़ी जीतों में से एक रही।

वहीं टीवीके के पी. श्रवणन ने शोझिंगनल्लूर सीट 96,370 वोटों के अंतर से जीती, जबकि एम.एल. विजयप्रभु ने माधवराम से 94,985 वोटों से जीत हासिल की।

इसके उलट कुछ सीटों पर मुकाबला बेहद करीबी रहा। परमाथी-वेलूर में अन्नाद्रमुक के शेखर एस मात्र 308 वोटों से जीते। पलानी सीट पर रवि मनोहरन ने 693 वोटों से जीत दर्ज की, जबकि कुंभकोणम में टीवीके के विनोद ने 679 वोटों के मामूली अंतर से बाजी मारी।

टीवीके का यह प्रदर्शन तमिलनाडु की राजनीति में नए युग की शुरुआत के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जहां एक नई पार्टी ने पारंपरिक द्रविड़ दलों के वर्चस्व को चुनौती दी है।