पश्चिम एशिया में इस्राइल और अमेरिका के हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में गंभीर तनाव पैदा कर दिया है। इसी बीच, अमेरिकी सरकार ने अपने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि मिडिल ईस्ट के 12 से अधिक देशों में रह रहे लोग तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर जाएं।
नागरिकों को तुरंत निकलने की अपील
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने वीडियो संदेश में कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति अत्यंत गंभीर है और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी साझा किए। यह चेतावनी बहरीन, कुवैत, मिस्र, लेबनान, ईरान, ओमान, इराक, कतर, इस्राइल, सऊदी अरब, सीरिया, जॉर्डन, यूएई और यमन में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों के लिए जारी की गई है।
संघर्ष में अमेरिकी सैनिकों की मौत
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि अब तक इस संघर्ष में छह अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। इनमें से दो सैनिकों के शव हाल ही में उस क्षेत्र से मिले हैं, जहां ईरान ने शुरुआती हमले किए थे। मारे गए सैनिकों की पहचान फिलहाल गुप्त रखी गई है।
संघर्ष की शुरुआत और ईरान का पलटवार
28 फरवरी से इस संघर्ष की शुरुआत हुई थी, जब अमेरिका और इस्राइल ने मिलकर ईरान के कई शहरों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के मिलिट्री कमांड सेंटर, मिसाइल साइट्स और सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया। इसके परिणामस्वरूप ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और चार वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मारे गए।
इसके जवाब में ईरान ने इस्राइल और मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इस स्थिति के कारण आम लोगों के लिए खतरा और बढ़ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका का सैन्य अभियान जारी रहेगा और उनका लक्ष्य ईरान की मिसाइल क्षमताओं और परमाणु महत्वाकांक्षाओं को पूरी तरह समाप्त करना है।