रामपुर। आयकर विभाग की कार्रवाई के बीच जौहर ट्रस्ट की अध्यक्ष और सपा नेता आजम खां की बहन निगहत अफलाक ने पहली बार मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने ट्रस्ट पर की गई कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताते हुए इसे जौहर विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा और शिक्षा व्यवस्था पर सीधा प्रहार करार दिया।

शनिवार को समाजवादी पार्टी के कैंप कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान निगहत अफलाक ने कहा कि आजम खां ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में शिक्षा के विस्तार और गरीब तबके के बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय उसी सोच का परिणाम है, जिसे अब निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने दावा किया कि यह विश्वविद्यालय केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि रामपुर की पहचान और हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ा केंद्र है। इसे कमजोर करने या इसकी छवि खराब करने के किसी भी प्रयास का ट्रस्ट कानूनी रूप से विरोध करेगा।

निगहत अफलाक ने कहा कि ट्रस्ट पूरी तरह से संविधान और कानून के दायरे में रहते हुए अपने अधिकारों की रक्षा करेगा और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी। उन्होंने समर्थकों, छात्रों और अभिभावकों से एकजुट होकर संस्थान की रक्षा करने की अपील की।

इस दौरान सपा नगर अध्यक्ष आसिम राजा ने भी आयकर विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे पूर्व नियोजित और पक्षपातपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का पक्ष सुने बिना 12ए-12बी पंजीकरण निरस्त करने का निर्णय सामने लाना उचित नहीं है।

आसिम राजा ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस भवन को लेकर राजनीतिक गतिविधियों का आरोप लगाया जा रहा है, वह वक्फ संपत्ति है और समाजवादी पार्टी लंबे समय से इसे किराए पर लेकर उपयोग कर रही है, जिसका जौहर ट्रस्ट से कोई संबंध नहीं है। कार्यक्रम में सपा जिलाध्यक्ष अजय सागर भी मौजूद रहे।