पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के नंगरहार, पक्तिका और खोस्त प्रांतों में सात ठिकानों पर हवाई कार्रवाई की है। स्थानीय सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इन हमलों में अब तक 80 से अधिक लोगों की मौत हुई है। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम हाल ही में पाकिस्तान में हुए आत्मघाती हमलों के जवाब में उठाया गया, जिनके पीछे उन्होंने अफगानिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों को जिम्मेदार ठहराया।

सरकारी बयान में कहा गया है कि इस कार्रवाई में प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और उससे जुड़े अन्य गुटों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान के गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने दावा किया कि इस अभियान में लगभग 70 आतंकियों को ढेर किया गया। सूचना मंत्रालय ने इन हमलों को “सटीक और प्रतिकारात्मक” बताया। हमले पक्तिका के बर्मल क्षेत्र और नंगरहार के खोगयानी, गनी खेल और बेहसूद इलाकों में किए गए।

पाकिस्तान का आरोप:
इस्लामाबाद ने हालिया आत्मघाती हमलों के पीछे अफगानिस्तान स्थित ठिकानों को जिम्मेदार बताया। तलाल चौधरी ने कहा कि अफगान तालिबान ने 2020 के दोहा समझौते में अपनी जमीन का आतंक के लिए इस्तेमाल न होने देने का वादा किया था, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब तक 70,000 से अधिक खुफिया अभियान चलाए हैं।

अफगानिस्तान का रुख:
काबुल प्रशासन ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज किया है। अफगान अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान की सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं उसके आंतरिक मामले हैं। दोनों देशों के बीच तालिबान की सत्ता वापसी के बाद से सीमा पर तनाव लगातार बढ़ा है। अक्टूबर 2025 में भी सीमा पर झड़पों में दोनों ओर हताहत हुए थे।

भारत ने किया निंदा:
भारत ने पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में किए गए हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इन हमलों में आम नागरिक, विशेषकर महिलाएं और बच्चे मारे गए हैं, जो अत्यंत चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि रमजान के पवित्र महीने में इस तरह की हिंसा अस्वीकार्य है।

नई दिल्ली ने पाकिस्तान की आंतरिक असफलताओं को बाहरी मुद्दों में बदलने के प्रयासों पर चिंता जताई। भारत ने अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के प्रति समर्थन दोहराया और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।