नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रहे आंतरिक विवाद के बीच कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कोविड काल के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “दो गज की दूरी” नारे का जिक्र किया।
अधीर रंजन ने आरोप लगाया कि भाजपा सार्वजनिक रूप से TMC के बागी विधायकों से दूरी बनाए रखने का दिखावा कर रही है, जबकि पर्दे के पीछे उन्हें एक अलग राजनीतिक समूह बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
“डर के कारण BJP के संपर्क में जा रहे विधायक”
अधीर रंजन चौधरी ने ANI से बातचीत में कहा कि TMC के कुछ असंतुष्ट विधायक भ्रष्टाचार के मामलों और जांच एजेंसियों के दबाव के चलते भाजपा के करीब जाने की कोशिश कर रहे हैं।
उनका दावा है कि कई नेता जांच एजेंसियों की कार्रवाई के डर से राजनीतिक संरक्षण की तलाश में हैं। उन्होंने कहा कि पहले ईडी और सीबीआई का दबाव था और अब राज्य स्तर पर सीआईडी और पुलिस की सक्रियता बढ़ने से स्थिति और जटिल हो गई है।
“दो गज की दूरी” पर राजनीतिक तंज
कांग्रेस नेता ने भाजपा पर व्यंग्य करते हुए कहा कि पार्टी इन विधायकों को सीधे शामिल नहीं करना चाहती। इसी संदर्भ में उन्होंने प्रधानमंत्री के कोविड काल के नारे “दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी” का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा इन विधायकों से “राजनीतिक दूरी” बनाए रखते हुए उन्हें अप्रत्यक्ष रूप से अलग मंच तैयार करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
TMC में अंदरूनी विवाद गहराया
पश्चिम बंगाल में TMC के भीतर नेता प्रतिपक्ष के चयन को लेकर विवाद तेज हो गया है। पार्टी ने वरिष्ठ विधायक शोभनदेब चट्टोपाध्याय को यह जिम्मेदारी दी है, लेकिन असंतुष्ट गुट ने इस पर सवाल उठाए हैं।
बागी विधायकों का दावा है कि उन्हें 58 विधायकों का समर्थन प्राप्त है और वे खुद को असली प्रतिनिधि बता रहे हैं। साथ ही आरोप लगाया गया है कि समर्थन पत्रों में हस्ताक्षरों का गलत इस्तेमाल किया गया है।
राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की चर्चा
राजनीतिक हलकों में इस पूरे विवाद को बंगाल की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जारी इस खींचतान ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।