पश्चिम बंगाल के अरियादहा इलाके में शनिवार रात उस समय तनाव फैल गया जब TMC विधायक मदन मित्रा के काफिले को स्थानीय विरोध का सामना करना पड़ा। कमारहाटी विधानसभा क्षेत्र में हुई इस घटना के दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और कथित तौर पर उस पर अंडे फेंके। स्थिति बिगड़ने पर विधायक को वहां से वापस लौटना पड़ा।
सूत्रों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब मदन मित्रा इलाके में हालात का जायजा लेने पहुंचे थे। अचानक जुटी भीड़ ने विरोध शुरू कर दिया, जिसके बाद माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। हालांकि बाद में विधायक ने साफ किया कि जब यह घटना हुई, तब वे वाहन के अंदर मौजूद नहीं थे।
इसी दौरान कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि ड्राइवर के साथ धक्का-मुक्की की गई, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
स्थानीय लोगों के विरोध के पीछे अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। कुछ निवासियों का कहना है कि उनका गुस्सा किसी राजनीतिक निर्देश से नहीं बल्कि लंबे समय से चली आ रही स्थानीय समस्याओं और कथित वसूली के आरोपों से जुड़ा है। आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में कुछ स्तर पर ‘कटमनी’ वसूली की शिकायतें रही हैं, जिन्हें लेकर लोग अब खुलकर विरोध कर रहे हैं।
विरोध की शुरुआत वार्ड-14 क्षेत्र में एक स्थानीय पार्षद के घर के बाहर जुटाव से हुई थी, जहां ऑटो और ई-रिक्शा चालकों सहित बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे। धीरे-धीरे यह भीड़ विरोध प्रदर्शन में बदल गई और तनाव बढ़ता गया।
यह कोई पहली घटना नहीं है जब टीएमसी नेताओं को सार्वजनिक विरोध का सामना करना पड़ा हो। हाल के दिनों में पार्टी के कई नेताओं को अलग-अलग इलाकों में लोगों के गुस्से और नाराजगी का सामना करना पड़ा है, जिससे राज्य की राजनीतिक स्थिति में तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।