पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए तैनात की गई केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले करीब 500 कंपनियां तैनात की गई थीं, लेकिन अब इन्हें चरणबद्ध तरीके से वापस बुलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में सुरक्षा स्थिति की विस्तृत समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया कि पहले चरण में करीब 100 कंपनियों यानी लगभग 10,000 जवानों को वापस भेजा जाएगा। इसी बीच राज्य नेतृत्व ने इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से आग्रह किया है कि राज्य की मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए अर्धसैनिक बलों की तैनाती को अक्टूबर तक जारी रखा जाए। उनका कहना है कि संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की मौजूदगी जरूरी है।
इस अनुरोध पर विचार करते हुए गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने तैनाती को फिलहाल 20 जून तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।
नई व्यवस्था के तहत विभिन्न बलों की तैनाती इस प्रकार जारी रहेगी—
CRPF की 200 कंपनियां, BSF की 150 कंपनियां, CISF की 50 कंपनियां, ITBP की 50 कंपनियां और SSB की 50 कंपनियां राज्य में तैनात रहेंगी।
गृह मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार को इन बलों के लिए आवास, परिवहन और अन्य लॉजिस्टिक सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी, ताकि उनकी ऑपरेशनल जरूरतें प्रभावित न हों।
गौरतलब है कि चुनाव के बाद संभावित तनाव और पिछली घटनाओं को देखते हुए केंद्र ने भारी संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती की थी, ताकि राज्य में शांति व्यवस्था बनी रहे। अब इसी तैनाती को लेकर धीरे-धीरे पुनर्संयोजन की प्रक्रिया शुरू की गई है।