नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह नई दर 1 जनवरी से प्रभावी होगी। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच इस फैसले को कर्मचारियों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है।
इस संशोधन के बाद सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स दोनों की मासिक आय में बढ़ोतरी होगी। हालांकि यह वृद्धि सीमित है, लेकिन इससे उनकी कुल आमदनी में थोड़ा इजाफा होगा और बढ़ती कीमतों के दबाव को कुछ हद तक कम करने में मदद मिलेगी।
टेक-होम सैलरी में होगा असर
पहले महंगाई भत्ता मूल वेतन का 58 प्रतिशत था, जिसे अब बढ़ा दिया गया है। इस बदलाव के बाद कर्मचारियों के हाथ में आने वाली राशि (take-home salary) में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब कर्मचारी संगठन वेतन संरचना में बड़े बदलाव की मांग कर रहे हैं। विशेष रूप से 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
8वें वेतन आयोग पर नजर
नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने सरकार को ज्ञापन सौंपकर वेतन बढ़ोतरी की मांग की है। इसमें न्यूनतम मूल वेतन को 69,000 रुपये करने और फिटमेंट फैक्टर 3.83 रखने की बात शामिल है।
यदि यह प्रस्ताव स्वीकार किया जाता है तो वर्तमान 18,000 रुपये के न्यूनतम वेतन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
अन्य मांगें भी शामिल
कर्मचारी संगठनों ने वार्षिक वेतन वृद्धि 6 प्रतिशत करने, एचआरए की न्यूनतम सीमा 30 प्रतिशत तय करने और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की भी मांग रखी है। फिलहाल इन सभी प्रस्तावों पर सरकार की ओर से कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।