पटना। बिहार की राजनीति में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राज्य सरकार ने सुरक्षा स्तरों की समीक्षा के बाद कई प्रमुख नेताओं की सुरक्षा में फेरबदल किया है। इनमें सबसे अहम बदलाव पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को लेकर किया गया है, जिन्हें अब ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है।

सरकारी निर्णय के तहत पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की सुरक्षा व्यवस्था में भी संशोधन किया गया है। उनकी सुरक्षा को जेड प्लस से घटाकर जेड श्रेणी कर दिया गया है। वहीं, पूर्व मंत्री श्रवण कुमार की सुरक्षा बढ़ाते हुए उन्हें वाई प्लस (Y+) श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है, जिसमें एस्कॉर्ट सुविधा भी शामिल होगी।

यह फैसला राज्य सुरक्षा समिति की 17 अप्रैल को हुई बैठक की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। विशेष शाखा द्वारा की गई समीक्षा के बाद तैयार रिपोर्ट के अनुसार विभिन्न नेताओं की सुरक्षा आवश्यकता और खतरे के स्तर का आकलन किया गया था।

सरकार के संयुक्त सचिव नवीन चंद्र द्वारा जारी आदेश में पुलिस महानिदेशक और विशेष शाखा को निर्देश दिया गया है कि सभी संबंधित व्यक्तियों को नई श्रेणी के अनुसार सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।

प्रशासन का कहना है कि यह बदलाव सुरक्षा मूल्यांकन और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखकर किया गया है, ताकि वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था को अधिक संतुलित और प्रभावी बनाया जा सके।

गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले ही नव नियुक्त उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी। वहीं, हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट 2000 के तहत जेड प्लस सुरक्षा प्रदान की गई थी।

क्या होती है जेड श्रेणी सुरक्षा?

जेड श्रेणी सुरक्षा में आमतौर पर 22 से 24 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। इनमें 4 से 6 कमांडो (एनएसजी या सीआरपीएफ/आईटीबीपी जैसे अर्धसैनिक बलों से) शामिल होते हैं। इसके अलावा एस्कॉर्ट वाहन, मूवमेंट के दौरान मोबाइल सुरक्षा और आवास पर स्थायी सुरक्षा घेरा भी उपलब्ध कराया जाता है।