चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और उनके पुत्र एवं विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन पर की गई टिप्पणी के बाद विवाद गहरा गया है। इस बयान पर डीएमके खेमे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

विधानसभा में बयान के बाद बढ़ा विवाद

राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने अपने संबोधन में एमके स्टालिन की विधानसभा में अनुपस्थिति पर टिप्पणी करते हुए कथित रूप से सवाल उठाया कि “आपके पिता कहां हैं?” इस दौरान उन्होंने अपने अंदाज में एक कहानी भी सुनाई, जिसे विपक्षी नेताओं ने डीएमके पर अप्रत्यक्ष हमला बताया।

मुख्यमंत्री के इस भाषण के दौरान किए गए इशारों और शैली को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुआ है।

एमके स्टालिन का पलटवार

विवाद बढ़ने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने तिरुवरुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विजय की टिप्पणी का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनकी उपस्थिति या अनुपस्थिति से उनके प्रभाव पर कोई फर्क नहीं पड़ता।

स्टालिन ने कहा, “मैं विधानसभा में रहूं या न रहूं, लेकिन मैं हमेशा जनता के दिलों में मौजूद हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि उनके काम और उनकी सरकार की नीतियां ही उनकी पहचान हैं।

“फाइलों में मिलेगा मेरा काम” – स्टालिन

एमके स्टालिन ने आगे कहा कि यदि कोई उनके कार्यों को देखना चाहता है तो उसे सचिवालय और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी फाइलों में उनका योगदान दिखाई देगा। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाएं ही उनके काम की गवाही देती हैं।

सदन में बढ़ा राजनीतिक तनाव

मंगलवार से तमिलनाडु विधानसभा का माहौल लगातार गरमाया हुआ है। मुख्यमंत्री विजय द्वारा कथित पार्टी फंड और अन्य मुद्दों पर डीएमके पर किए गए हमलों के बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया था। इसके बाद से दोनों दलों के बीच तीखी बयानबाजी जारी है, जिससे राज्य की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है।