पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन गतिरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत अपनी संप्रभुता और गरिमा की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार और प्रतिबद्ध है। साथ ही पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि पड़ोसी देशों के साथ सामान्य द्विपक्षीय संबंधों के लिए सीमा पर शांति आवश्यक है।

जापानी अखबार निक्केई एशिया (Nikkei Asia) को दिए एक साक्षात्कार में पीएम मोदी ने कहा कि भारत-चीन संबंधों का भविष्य केवल आपसी सम्मान, पारस्परिक संवेदनशीलता और पारस्परिक हितों पर आधारित हो सकता है। उन्होंने कहा कि संबंधों को सामान्य करने से व्यापक क्षेत्र और दुनिया को लाभ होगा। साथ ही पीएम मोदी ने देश की संप्रभुता के लिए सम्मान, कानून के शासन और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया।

गौरतलब है कि 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद से भारत-चीन संबंध तनावपूर्ण रहे हैं। दोनों पक्ष समय-समय पर सीमा पर संकट को कम करने के लिए बैठकें करते रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। 

पाकिस्तान के साथ संबंध पर पीएम का बयान
पाकिस्तान को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि भारत सामान्य और पड़ोसी जैसा संबंध चाहता है। उन्होंने कहा कि हालांकि, आतंकवाद और शत्रुता से मुक्त एक अनुकूल वातावरण बनाना उन पर निर्भर है। इस संबंध में आवश्यक कदम उठाने की जिम्मेदारी पाकिस्तान की है।

भारतीय अर्थव्यवस्था पर पीएम की टिप्पणी 
भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि हमारी प्रगति स्पष्ट है, क्योंकि हम 2014 में 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से उठकर अब विश्व स्तर पर पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं...हालांकि यह सच है कि वैश्विक विपरीत परिस्थितियां विकास के लिए चुनौतियां पेश करती हैं, हमने हाल के वर्षों में एक मजबूत नींव तैयार की है, जो हमें अनुकूल स्थिति प्रदान करती है।

रूस-यूक्रेन युद्ध पर क्या बोले पीएम मोदी
रूस-यूक्रेन युद्ध पर पीएम मोदी ने कहा कि इस मामले पर भारत की स्थिति स्पष्ट और अटूट है। उन्होंने कहा, भारत शांति के पक्ष में खड़ा है और आगे भी मजबूती से खड़ा रहेगा। हम उन लोगों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो भोजन, ईंधन और उर्वरकों की बढ़ती कीमतों के कारण अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। हम रूस और यूक्रेन दोनों देशों के साथ संपर्क बनाए रखा। पीएम मोदी ने कहा कि सहयोग और जुड़ाव को हमारे समय को परिभाषित करना चाहिए, न कि संघर्ष को। 

तीन देशों की यात्रा पर पीएम मोदी
बता दें, पीएम मोदी तीन देशों जापान, पापुआ न्यू गिनी और ऑस्ट्रेलिया की यात्रा पर हैं। वह जापानी शहर हिरोशिमा में जी-7 वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे। साथ ही वह क्वाड नेताओं की बैठक में भी हिस्सा लेंगे।