असम में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए बड़ा फेरबदल किया है। सरकार ने 15 वरिष्ठ आईएएस और राज्य सेवा के अधिकारियों का तबादला कर उन्हें नए जिलों और विभागों में जिम्मेदारी सौंपी है। इस कदम को चुनावी तैयारियों और सरकारी कामकाज को तेज़ करने के मकसद से उठाया गया है।
राज्य के कार्मिक विभाग की सचिव मोनिता बोरगोहेन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कई वरिष्ठ अधिकारियों को नए जिलों और विभागों में तैनात किया गया है। गृह और राजनीतिक विभाग के आयुक्त और सचिव पार्थ प्रतिम मजूमदार को बाजाली जिले का नया उपायुक्त बनाया गया है। वहीं बाजाली के मौजूदा उपायुक्त मृदुल कुमार दास को गृह और राजनीतिक विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग में अतिरिक्त सचिव का पद दिया गया है। इसके अलावा उन्हें एनआरसी के राज्य समन्वयक और ई-फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल प्रोजेक्ट का मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी बनाया गया है।
प्रमुख अधिकारियों और उनकी नई तैनाती
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रोजगार और शिल्प प्रशिक्षण निदेशक नरेंद्र कुमार शाह को मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव बनाया गया।
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आदित्य विक्रम यादव को लखीमपुर जिले का नया उपायुक्त नियुक्त किया गया।
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लखीमपुर के मौजूदा उपायुक्त प्रणबजीत काकोटी को कौशल, रोजगार और उद्यमिता विभाग में अतिरिक्त सचिव और रोजगार एवं शिल्प प्रशिक्षण निदेशक की जिम्मेदारी दी गई।
जिलों में बदलाव
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प्रीति कुमारी को वेस्ट कार्बी आंगलोंग का उपायुक्त बनाया गया।
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सरंगा पानी शर्मा को परिवहन विभाग में सचिव और असम इनलैंड वाटर ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट सोसाइटी का राज्य परियोजना निदेशक नियुक्त किया गया।
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आयुषी जैन को दरांग जिले का उपायुक्त बनाया गया।
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दरांग की मौजूदा उपायुक्त पबली गोहैन को गोलाघाट का नया उपायुक्त नियुक्त किया गया।
अन्य प्रशासनिक बदलाव
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गोलाघाट के उपायुक्त पराग कुमार काकोटी को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में अतिरिक्त सचिव और असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया गया।
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बक्सा जिले के उपायुक्त गौतम दास को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में सचिव बनाया गया और धीरज साउद को बक्सा का नया उपायुक्त नियुक्त किया गया।
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चिरांग के उपायुक्त जतिन बोरा को सामान्य प्रशासन विभाग में सचिव बनाया गया, जबकि गोकुल चंद्र ब्रह्मा को चिरांग का नया उपायुक्त बनाया गया।
फेरबदल का मकसद
असम में इस वर्ष अप्रैल में 126 सीटों के लिए विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। 2023 में हुए परिसीमन के बाद यह पहला विधानसभा चुनाव होगा। ऐसे में सरकार ने प्रशासनिक तैयारियों को मजबूत करने और सरकारी कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है।