लखनऊ। मजदूर दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स और अंशकालिक कर्मचारियों के लिए बड़ा सुधारात्मक कदम उठाने का ऐलान किया है। सरकार का दावा है कि नए प्रावधानों से लाखों कर्मियों को नौकरी की सुरक्षा, तय वेतन और बेहतर कार्य परिस्थितियों का लाभ मिलेगा।

यह जानकारी शुक्रवार को समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लागू किए जा रहे नए श्रम सुधार और आउटसोर्स सेवा निगम के जरिए कर्मचारियों के हितों को कानूनी सुरक्षा दी जा रही है।

मंत्री के अनुसार, अब आउटसोर्स कर्मचारियों के काम के घंटे, छुट्टियां और वेतन भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और अनिवार्य होगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य शोषण खत्म कर कर्मचारियों को सम्मान और सुरक्षा देना है।

नियमित साप्ताहिक अवकाश अनिवार्य

नई व्यवस्था के तहत अब आउटसोर्स या अनुबंध कर्मचारियों से लगातार सातों दिन काम नहीं लिया जा सकेगा।
छह दिन काम के बाद एक दिन का सवेतन अवकाश देना जरूरी होगा।
इसके अलावा प्रतिदिन कार्य समय 8 से 9 घंटे तय किया गया है और अतिरिक्त काम पर ओवरटाइम का भुगतान अनिवार्य होगा।

छुट्टियों में बढ़ोतरी

कर्मचारियों के स्वास्थ्य और कार्य संतुलन को ध्यान में रखते हुए छुट्टियों का नया ढांचा तैयार किया गया है—

  • 10 दिन आकस्मिक अवकाश
  • 6 महीने सेवा के बाद 15 दिन चिकित्सा अवकाश
  • हर वर्ष 15 दिन अर्जित अवकाश (आगे कैरी फॉरवर्ड की सुविधा सहित)
  • महिला कर्मचारियों के लिए मातृत्व अवकाश के नियमों का सख्त पालन

वेतन व्यवस्था में पारदर्शिता

नई नीति के तहत वेतन संरचना को भी संशोधित किया गया है। अब कुल वेतन का कम से कम 50% हिस्सा मूल वेतन के रूप में होगा, जिससे भविष्य निधि और ग्रेच्युटी में बढ़ोतरी होगी।
वेतन हर महीने की 1 से 5 तारीख के बीच सीधे बैंक खाते में भेजना अनिवार्य किया गया है।

आउटसोर्स सेवा निगम से बदलाव

1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले आउटसोर्स सेवा निगम को सरकार ने बड़ा सुधार कदम बताया है। इसके जरिए बिचौलियों की भूमिका खत्म करने की बात कही गई है।
नई दरों के अनुसार—

  • अकुशल श्रमिकों के लिए ₹11,000 से अधिक
  • कुशल श्रमिकों के लिए ₹13,500 से अधिक न्यूनतम वेतन तय किया गया है

सरकार ने कहा कि “समान काम, समान वेतन” के सिद्धांत को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि सभी कर्मचारियों को न्यायसंगत भुगतान मिल सके।