कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर सत्ता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस सरकार पर आंतरिक मतभेद और नेतृत्व संकट के आरोप लगाए जाने के बाद राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
“कर्नाटक में कोई अस्थिरता नहीं”
रायचूर जिले के लिंगसुगुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीके शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह स्थिर है और किसी भी तरह की राजनीतिक अस्थिरता की बात गलत है। उन्होंने कहा, “कर्नाटक में कोई कुर्सी नहीं हिल रही है, सभी स्थिति स्थिर है। प्रधानमंत्री किस संदर्भ में यह बात कह रहे हैं, यह स्पष्ट नहीं है।”
पीएम मोदी का कांग्रेस पर हमला
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कर्नाटक सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता के मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय आंतरिक सत्ता संघर्ष में उलझी हुई है।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार का बड़ा हिस्सा आपसी मतभेद और नेतृत्व से जुड़ी अनिश्चितताओं में बीत गया है। उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए उसे “परजीवी पार्टी” तक कहा और आरोप लगाया कि पार्टी अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है।
कर्नाटक कांग्रेस में चर्चाएं तेज
इसी बीच कर्नाटक कांग्रेस में कथित सत्ता समझौते को लेकर राजनीतिक चर्चाएं फिर से तेज हो गई हैं। राजनीतिक हलकों में लंबे समय से यह चर्चा है कि 2023 में सरकार गठन के दौरान मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच किसी तरह की अनौपचारिक सहमति बनी थी।
हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व ने हमेशा इस तरह की किसी व्यवस्था की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और इसे केवल अटकलें बताया जाता रहा है।