पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) नेता संजीव अरोड़ा की ईडी द्वारा गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस कार्रवाई को लेकर सत्तारूढ़ AAP और विपक्षी कांग्रेस ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं। जहां AAP ने इसे राजनीतिक दबाव की रणनीति बताया है, वहीं कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरे के रूप में पेश किया है।

AAP का आरोप: राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश

अमृतसर में मीडिया से बातचीत के दौरान पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ने संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई “ऑपरेशन लोटस” का हिस्सा हो सकती है, जिसका उद्देश्य विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाकर उन्हें पार्टी बदलने के लिए मजबूर करना है। मंत्री ने कहा कि जनता ऐसे किसी भी राजनीतिक दबाव को स्वीकार नहीं करेगी और राज्य में इसका विरोध लगातार जारी रहेगा।

कांग्रेस का केंद्र पर निशाना

चंडीगढ़ में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी इस पूरे मामले पर केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से विपक्षी दलों के खिलाफ जांच एजेंसियों के कथित इस्तेमाल के आरोप लगातार सामने आते रहे हैं।

तिवारी ने कहा कि यह प्रवृत्ति लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए ठीक नहीं है और इससे राजनीतिक माहौल प्रभावित हो रहा है। उन्होंने विपक्षी दलों से एकजुट होकर इस मुद्दे पर आवाज उठाने की अपील भी की।