राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार ने शुक्रवार को कहा कि विपक्षी दलों को भाजपा के खिलाफ न्यूनतम साझा कार्यक्रम के आधार पर एकता बनाने की जरूरत है। महाराष्ट्र के जलगांव में संवाददाताओं से बात करते हुए विपक्ष के दिग्गज नेता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को उन अधिकांश राज्यों में खारिज कर दिया गया था जहां वह शासन कर रही थी, उन्होंने कहा कि भगवा पार्टी ने सत्ता हासिल करने के लिए निर्वाचित सरकारों को गिरा दिया था।
एनसीपी प्रमुख बोले- राज्यों में भाजपा हारी है ऐसे में राष्ट्रीय स्तर पर भी लोगों का नजरिया अलग नहीं होगा
राकांपा प्रमुख ने कहा, ''अगर लोगों ने राज्य स्तर पर भाजपा को खारिज कर दिया है तो राष्ट्रीय स्तर पर उनका (नागरिकों का) नजरिया अलग नहीं होगा।" बिहार के पटना में 23 जून को होने वाली विपक्षी दलों की बैठक में अपना विचार रखने की जानकारी देते हुए पवार ने कहा, 'सभी गैर-भाजपा दलों को एक साथ बैठने और न्यूनतम साझा कार्यक्रम के आधार पर विपक्षी एकता बनाने के बारे में सोचने की जरूरत है।" पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ''भाजपा ने बड़े-बड़े वादे किए, लोगों की उम्मीदें बढ़ाईं लेकिन काम कुछ नहीं किया। यह एक विकल्प प्रदान करने का समय है।"
पवार बोले- यह देखा जाना बाकी है कि क्या बीआरएस भाजपा की बी टीम है?
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली भारत राष्ट्र समिति (भारत राष्ट्र समिति) की ओर से महाराष्ट्र में पैठ बनाने के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा कि प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) की मौजूदगी के कारण कांग्रेस-राकांपा गठबंधन को 2019 के चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा, 'भले ही सभी दलों को किसी भी राज्य में अपना आधार बढ़ाने का अधिकार है, लेकिन यह देखा जाना बाकी है कि क्या बीआरएस (भाजपा की) बी टीम है?' राव ने गुरुवार को नागपुर में पार्टी कार्यालय खोला था और कहा था कि बीआरएस महाराष्ट्र में अपने दम पर आगामी चुनाव लड़ने के लिए अपना आधार बढ़ाएगी।