तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। इसी बीच कांग्रेस नेता सेन्नीमलाई ज्योतिमणि ने राज्यपाल की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि टीवीके (Tamizhaga Vettri Kazhagam) प्रमुख विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है।
कांग्रेस नेता ने केंद्र और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि “लोक भवन के जरिए राजनीति” की जा रही है, जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए। उनके अनुसार, सरकार गठन की प्रक्रिया में अनावश्यक हस्तक्षेप किया जा रहा है।
विधानसभा ही असली मंच: कांग्रेस नेता
सेन्नीमलाई ज्योतिमणि ने स्पष्ट कहा कि बहुमत साबित करने का एकमात्र संवैधानिक स्थान विधानसभा है, न कि कोई अन्य मंच। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कई फैसले भी इस बात को स्पष्ट करते हैं कि सरकार बनाने और बहुमत साबित करने की प्रक्रिया केवल विधानसभा में ही पूरी होती है।
उनका कहना है कि जनता का जनादेश स्पष्ट है और सबसे बड़ी पार्टी के नेता को सरकार बनाने का अवसर मिलना चाहिए।
राज्यपाल और भाजपा पर लगाए आरोप
कांग्रेस नेता ने राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें जनादेश का सम्मान करना चाहिए और राजनीतिक हस्तक्षेप से बचना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रक्रिया में देरी लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
इसके साथ ही उन्होंने भाजपा पर “लोक भवन के माध्यम से राजनीति” करने का आरोप लगाया और इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। उन्होंने राज्यपाल से अपील की कि टीवीके नेता विजय को तुरंत सरकार गठन के लिए आमंत्रित किया जाए।
यह बयान ऐसे समय आया है जब तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणाम सामने आ चुके हैं और टीवीके को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस, जो टीवीके की सहयोगी है, लगातार सरकार गठन की प्रक्रिया में देरी और राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप लगा रही है।