राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व जलदाय मंत्री Mahesh Joshi को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई करीब 900 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़े मामले में की गई है, जिसमें टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप सामने आए हैं।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
इससे पहले अप्रैल 2025 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी महेश जोशी को इसी मामले में गिरफ्तार किया था। उस समय उन्होंने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं और उन्होंने किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता नहीं की है। बाद में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से 3 दिसंबर 2025 को जमानत मिल गई थी।
22 अधिकारियों पर दर्ज है FIR
ACB ने इस मामले में पूर्व मंत्री सहित कुल 22 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनमें जल जीवन मिशन से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी और इंजीनियर शामिल हैं। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर जारी कर बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी की गई।
ईमेल से मिला जांच में अहम सुराग
जांच एजेंसी को कुछ संदिग्ध ईमेल आईडी से महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिसके आधार पर अधिकारियों और ठेकेदारों की कथित मिलीभगत का खुलासा हुआ। अब तक इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कुछ आरोपी अभी फरार हैं।
पूर्व ACS से पूछताछ के बाद कार्रवाई
इससे पहले 9 अप्रैल को जलदाय विभाग के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव Subodh Agarwal को भी ACB ने गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ के बाद जांच में महेश जोशी की भूमिका को लेकर नए तथ्य सामने आए, जिसके बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया।