दक्षिण 24 परगना जिले के फलता विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय बाद मतदान के दिन पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल देखने को मिला। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मतदाताओं ने बिना किसी भय के अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस दौरान न तो किसी तरह की हिंसा की खबर आई और न ही किसी गड़बड़ी की स्थिति सामने आई।
86.11% से अधिक मतदान दर्ज
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय के अनुसार शाम पांच बजे तक क्षेत्र में 86.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। उस समय तक कई बूथों पर मतदाताओं की कतारें लगी हुई थीं, जिसके चलते अंतिम आंकड़ा और बढ़ने की संभावना जताई गई।
यह पुनर्मतदान हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में 29 अप्रैल को हुई मतदान प्रक्रिया के दौरान दर्ज की गई अनियमितताओं के बाद कराया गया था।
सुबह से ही दिखा भारी उत्साह
गुरुवार सुबह मतदान शुरू होते ही सभी बूथों पर लंबी कतारें देखी गईं। महिला और वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। मतदाताओं में मतदान को लेकर काफी उत्साह देखा गया और लोग बड़ी संख्या में अपने घरों से निकले।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
मतदान के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। क्षेत्र में केंद्रीय बलों की 35 कंपनियां तैनात की गई थीं, जबकि 30 क्विक रिस्पांस टीमें लगातार निगरानी में जुटी रहीं। प्रत्येक बूथ पर इस बार अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई, जिससे माहौल पूरी तरह नियंत्रण में रहा।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
कुछ स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्हें लंबे समय बाद बिना किसी दबाव के मतदान करने का अवसर मिला है। उनके अनुसार पहले के वर्षों में कई जगहों पर भय और दबाव का माहौल रहता था, लेकिन इस बार स्थिति पूरी तरह अलग और शांतिपूर्ण रही।
तृणमूल उम्मीदवार नहीं आए नजर
मतदान के दिन तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी जहांगीर खान क्षेत्र में कहीं दिखाई नहीं दिए। जानकारी के अनुसार, वे पुनर्मतदान से 48 घंटे पहले ही चुनावी प्रक्रिया से हट गए थे।
करीबी सहयोगी की गिरफ्तारी
इसी बीच पुलिस ने जहांगीर खान के करीबी सईदुल को गिरफ्तार किया है। उस पर 4 मई को भाजपा की विजय रैली पर हमले का आरोप है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसकी पहचान की। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस घटना में किसी बड़े राजनीतिक संबंध की भूमिका तो नहीं है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।