कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट यूजी पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर एक बार फिर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने राजस्थान में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि इस मामले ने लाखों छात्रों के भविष्य को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। उनका आरोप है कि कई प्रभावित छात्रों ने मानसिक दबाव में आत्महत्या जैसे कदम तक उठाए, लेकिन सरकार ने न तो जिम्मेदारी स्वीकार की और न ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया।

राहुल गांधी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा कि जब देश के युवा पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर न्याय की मांग कर रहे थे, तब प्रधानमंत्री पर अप्रत्यक्ष रूप से लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर चुप्पी साधे रही। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों, एनएसयूआई और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शनों पर कई जगह पुलिस कार्रवाई की गई, जिससे साफ है कि सरकार जवाबदेही से बच रही है और आलोचना का सामना लाठी के बल पर कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि उनकी पार्टी तब तक संघर्ष जारी रखेगी जब तक पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए मजबूत व्यवस्था नहीं बनती और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती। उनके अनुसार यह लड़ाई उन सभी छात्रों के भविष्य की है जो इस व्यवस्था की खामियों से प्रभावित हुए हैं।

इससे पहले जयपुर में नीट पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा मुख्यालय की ओर मार्च किया था, जहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति बन गई। इस प्रदर्शन का नेतृत्व राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने किया था। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई।

राहुल गांधी ने पहले भी इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए देश की आर्थिक स्थिति और नीतिगत ढांचे को लेकर सरकार की आलोचना की थी और कहा था कि मौजूदा व्यवस्था का असर आम जनता, युवाओं, किसानों और मध्यम वर्ग पर पड़ेगा।