लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को नई दिल्ली में मुलाकात की। यह बैठक 10 जनपथ पर हुई, जिसे विपक्षी दलों के बीच बढ़ते संवाद और समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' अपने सहयोगी दलों के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिशों में जुटा है। राजनीतिक हलकों में इसे विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि एक दिन पहले ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं के बीच हुई चर्चा में विपक्षी दलों के साझा मुद्दों और गठबंधन की भावी रणनीति पर विचार-विमर्श होने की बात सामने आई थी।
सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी की बैठक हाल ही में दिल्ली में आयोजित 'इंडिया' गठबंधन की बैठक के बाद हुई है। उस बैठक में सहयोगी दलों ने भाजपा के खिलाफ साझा रणनीति तैयार करने और विपक्षी एकता को और मजबूत करने पर जोर दिया था।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी हलचल बनी हुई है। राज्य में हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों और पार्टी के भीतर उठ रही असंतोष की आवाजों के बीच टीएमसी नेतृत्व लगातार संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। इसी क्रम में ममता बनर्जी ने हालिया बैठकों में सहयोगी दलों और नेताओं से मतभेदों को पीछे छोड़कर जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर काम करने की अपील की थी।
हालांकि राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी की बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। बावजूद इसके, इस मुलाकात को कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच बढ़ते राजनीतिक संवाद और भविष्य की रणनीतिक साझेदारी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।