नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में पिछले 25 दिनों से जारी तनाव ने भारत में राजनीतिक बहस को भी गर्मा दिया है। सोमवार को लोकसभा में और मंगलवार को राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। वहीं, कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री की विदेश नीति पर कड़ा हमला किया।
राहुल गांधी ने कहा कि वर्तमान विदेश नीति अब प्रधानमंत्री मोदी की व्यक्तिगत विदेश नीति बन गई है और इसका असर देश की साख पर पड़ रहा है। उनका कहना था कि पूरी दुनिया इसे हास्यास्पद स्थिति के रूप में देख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देशों के अधीन काम कर रहे हैं और उनके फैसले देशहित से ज्यादा विदेशी प्रभाव में प्रभावित हैं।
राहुल गांधी ने दी चेतावनी
राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि यदि प्रधानमंत्री की स्थिति कमजोर हुई, तो देश की विदेश नीति भी कमजोर पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि हाल ही में अमेरिका के साथ किए गए व्यापार समझौते और संसद में दिए गए भाषणों ने प्रधानमंत्री का ठोस रुख नहीं दिखाया।
आम जनता को पड़ेगा असर
विपक्षी नेता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश नीति और वैश्विक दबाव का सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा, जैसे कि बढ़ती एलपीजी और पेट्रोल की कीमतें। उन्होंने कोविड-19 के दौरान हुई त्रासदियों का भी जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने परिस्थितियों को कम आंकने का प्रयास किया।
सर्वदलीय बैठक में भाग नहीं लेंगे राहुल
राहुल गांधी ने कहा कि केरल में अपने कार्यक्रम के कारण वे सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे। उन्होंने बैठक की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ढांचागत गड़बड़ी इसे सुधारने योग्य नहीं बनाती। उनका यह भी कहना था कि इस स्थिति का सीधा असर देश, किसानों और आम जनता पर पड़ रहा है, और इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है।