नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला उन्हें गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत दर्ज एक गंभीर मामले में दिया गया है।

अदालत ने सुनाया फैसला

अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आसिया अंद्राबी को दोषी ठहराया। उन पर भारत विरोधी और अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप था। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस मामले में अदालत ने निर्णय लेते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला अलगाववादी तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है और देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के प्रयास का हिस्सा है। इस सजा के बाद आसिया अंद्राबी को अपना शेष जीवन जेल में बिताना होगा।

आरोपों का विवरण

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आरोप लगाया था कि आसिया अंद्राबी ने:

  • घृणा फैलाने वाले भाषण दिए,
  • साजिश और आतंकी गतिविधियों के जरिए देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की कोशिश की,
  • अलगाववादी विचारधारा को बढ़ावा दिया और प्रतिबंधित संगठनों के साथ संपर्क बनाए रखा।

एनआईए ने यह मामला अप्रैल 2018 में दर्ज किया था। दुख्तरान-ए-मिल्लत संगठन भी UAPA के तहत प्रतिबंधित है।