नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ओमान तट के पास अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में तीन भारतीय चालक दल के सदस्यों की मौत को लेकर अमेरिका के रुख पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अमेरिका द्वारा इस घटना पर किसी तरह की संवेदना या खेद न जताने को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए उसे “असंवेदनशील मित्र” करार दिया।
थरूर ने कहा कि रणनीतिक साझेदार होने के बावजूद अमेरिका का यह रवैया स्वीकार्य नहीं है, खासकर तब जब इसमें निर्दोष भारतीयों की जान गई हो।
शशि थरूर ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि नियमों का पालन न करने वाले वाणिज्यिक जहाजों को रोकने के लिए क्या गैर-घातक उपायों का उपयोग नहीं किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात, ईरान के साथ तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए ऐसी कार्रवाई और भी गंभीर हो जाती है।
थरूर ने पूछा कि क्या जहाज के संचालन को निष्क्रिय करने के लिए ऐसे विकल्प उपलब्ध नहीं थे, जिनमें मिसाइल हमले जैसी घातक कार्रवाई की आवश्यकता न पड़ती। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया।
तीन भारतीयों की मौत
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ओमान तट के पास पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर ‘सेट्टेबेलो’ पर हुई कार्रवाई में 24 भारतीय और 4 विदेशी नागरिक सवार थे। इस दौरान 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन भारतीय चालक दल के सदस्यों की मौत हो गई।
मृतकों की पहचान डेक कैडेट आदित्य शर्मा, इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया और मुख्य अभियंता पटनाला सुरेश के रूप में हुई है।
भारत ने दर्ज कराया विरोध
घटना के बाद भारत ने अमेरिका के समक्ष कड़ा राजनयिक विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत में कहा कि इस तरह की घातक कार्रवाई उचित नहीं ठहराई जा सकती।
अमेरिका का पक्ष
वहीं अमेरिका की ओर से कहा गया है कि किसी भी वाणिज्यिक जहाज को अमेरिकी सैन्य आदेशों का पालन करना चाहिए, खासकर जब वह होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील क्षेत्र से गुजर रहा हो। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक था।