हैदराबाद। शहर के धरना चौक पर रविवार को कॉकरोच जनता पार्टी समेत कई संगठनों ने मिलकर नीट (NEET) पेपर लीक और सीबीएसई की मूल्यांकन प्रणाली में कथित अनियमितताओं के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और एनडीए के खिलाफ नारेबाजी हुई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज की गई।
प्रदर्शनकारियों ने ‘हमें न्याय चाहिए’ और ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ जैसे नारों से पूरे इलाके को गूंजा दिया। भीड़ ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
सोनम वांगचुक भी पहुंचे प्रदर्शन में
इस आंदोलन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। वांगचुक ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ या सत्ता परिवर्तन के उद्देश्य से नहीं है, बल्कि इसका मकसद शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों की रक्षा है।
उन्होंने कहा कि यह पहल किसी नई राजनीतिक पार्टी या नेतृत्व स्थापित करने के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक प्रयास है।
“सिस्टम सुधार की जरूरत है” – वांगचुक
सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह शिक्षा प्रणाली में मौजूद खामियों की जिम्मेदारी ले। उन्होंने कहा कि देश को ऐसा लोकतंत्र चाहिए जो भय और नफरत से मुक्त हो और जहां नागरिकों को पूरी स्वतंत्रता मिले।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समस्याएं केवल परीक्षा प्रणाली तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह पूरी व्यवस्था की संरचना से जुड़ी हुई हैं। पेपर लीक और परीक्षाओं के बार-बार रद्द होने को उन्होंने गंभीर चिंता का विषय बताया।
प्रशासन ने दी सीमित अनुमति
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धरना चौक पर प्रदर्शन को रविवार दोपहर तक ही अनुमति दी गई थी। बावजूद इसके बड़ी संख्या में लोग इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और अपनी नाराजगी व्यक्त की।