बेंगलुरु में गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री आवास पर हुई एक अहम नाश्ता बैठक के बाद कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है और इस बारे में अपने कुछ कैबिनेट सहयोगियों को भी अवगत करा दिया है।
सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने दोपहर 3 बजे राज्यपाल से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपने की तैयारी की है। इसके साथ ही यह भी चर्चा है कि उन्होंने डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को नया मुख्यमंत्री बनाने की सिफारिश की है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व की ओर से राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर संकेत मिलने के बाद यह फैसला लिया गया। बताया जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान ने हाल ही में दोनों प्रमुख नेताओं—सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार—को दिल्ली बुलाकर वरिष्ठ नेताओं के साथ कई दौर की बैठकें की थीं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन बैठकों में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, के.सी. वेणुगोपाल और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल रहे। इसी दौरान कथित तौर पर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सहमति या दिशा-निर्देश दिए जाने की चर्चा सामने आई।
वहीं, यह भी जानकारी मिली है कि राज्यपाल थावरचंद गहलोत निजी कारणों से इंदौर गए हुए हैं, जिसके चलते मुलाकात का समय अभी तक तय नहीं हो सका है।
राजनीतिक हलकों में यह भी अटकलें हैं कि सिद्धारमैया का यह निर्णय पार्टी शीर्ष नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी की भूमिका के बाद आया है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री कार्यालय से कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच भावुक क्षण दिखाई दे रहे हैं। एक तस्वीर में शिवकुमार को मुख्यमंत्री के पैर छूकर आशीर्वाद लेते हुए भी देखा गया है।
इसी बीच कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने स्पष्ट किया है कि विधायक दल की कोई नई बैठक नहीं बुलाई गई है और अभी तक नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने मीडिया से अपील की है कि इस विषय पर अटकलों से बचा जाए।
फिलहाल कर्नाटक की राजनीति में नए मुख्यमंत्री को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन अंदरूनी हलचल तेज बनी हुई है।