कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में अंदरूनी हलचल और तेज हो गई है। पार्टी में जारी असंतोष के बीच टीएमसी नेता सयानी घोष का मीडिया से बातचीत के दौरान दिया गया जवाब चर्चा का विषय बन गया है।
एक मीडिया इंटरैक्शन के दौरान जब उनसे सवाल पूछे गए तो सयानी घोष ने स्पष्ट रूप से प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “मैं आपको जवाब नहीं दूंगी, मैं केवल अपने क्षेत्र के लोगों के प्रति जवाबदेह हूं।”
रिपोर्टर द्वारा दोबारा प्रतिक्रिया लेने की कोशिश करने पर उन्होंने संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए कहा, “आवाज आगे भी पहुंचेगी।”
पार्टी के भीतर बदलाव की चर्चा तेज
इसी बीच पार्टी सूत्रों के हवाले से खबर है कि टीएमसी नेतृत्व ने संगठनात्मक बदलाव करते हुए सयानी घोष को युवा तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटा दिया है। उनकी जगह अब अर्नब बनर्जी को यह जिम्मेदारी दी गई है।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही उन्हें इस पद पर दोबारा नियुक्त किया गया था, ऐसे में अचानक हुए इस बदलाव को पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों से जोड़कर देखा जा रहा है।
गुटबाजी और असंतोष की अटकलें
सूत्रों के अनुसार, टीएमसी के भीतर 28 सांसदों में से करीब 20 के एक अलग गुट में शामिल होने की बात सामने आ रही है। इस समूह में सयानी घोष के भी शामिल होने की चर्चा है।
बताया जा रहा है कि यह असंतुष्ट गुट खुद को संसद में “वास्तविक टीएमसी” के रूप में मान्यता दिलाने की कोशिश कर रहा है। साथ ही राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि यह समूह भविष्य में किसी अन्य राजनीतिक गठबंधन, यहां तक कि एनडीए के समर्थन पर भी विचार कर सकता है।