भारत सरकार के सचिव अशोक कुमार मीना ने उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण), लखनऊ के अंतर्गत विकासखंड गोसाईगंज की चांद सराय ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने योजना के सभी घटकों का विस्तार से अवलोकन किया और कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने योजना के तहत बने ट्यूबवेल, पम्प हाउस, ओवरहेड टैंक (OHT), 6.245 किलोमीटर लंबी वितरण प्रणाली, 486 फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन, 17.50 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट, डीजी सेट और क्लोरीनेशन व एससीएडीए आधारित स्वचालित प्रणाली का जायजा लिया। उन्होंने तकनीकी व्यवस्थाओं और स्वच्छ संचालन की प्रशंसा की।
पर्यावरण संरक्षण पर भी दिया जोर
निरीक्षण के बाद सचिव ने परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। उन्होंने कहा कि जल और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। इस कार्यक्रम से परियोजना की पर्यावरणीय जिम्मेदारी भी स्पष्ट होती है।
ग्रामीणों से संवाद और मार्गदर्शन
इस अवसर पर सचिव ने एफएचटीसी से लाभान्वित महिलाओं, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों, ग्राम प्रधान और पम्प ऑपरेटरों से बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों को जल का विवेकपूर्ण और न्यायसंगत उपयोग करने के लिए मार्गदर्शन दिया और पेयजल का प्राथमिक उपयोग पीने और भोजन पकाने के लिए करने पर जोर दिया।
योजना को बताया आदर्श
सचिव ने योजना की कार्य गुणवत्ता, तकनीकी दक्षता और सुव्यवस्थित परिसर पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे आदर्श ग्रामीण जलापूर्ति योजना बताया। उन्होंने जल निगम (ग्रामीण), लखनऊ की टीम की प्रशंसा की और भविष्य में इसी तरह उच्च मानकों के साथ योजनाओं के कार्यान्वयन की दिशा में मार्गदर्शन देने का भरोसा दिलाया। उल्लेखनीय है कि इस योजना की कुल लागत 260.95 लाख रुपये है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित और सतत पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।