गुरुग्राम पीजी हत्याकांड: AI इंजीनियर ने प्रेमिका की हत्या के बाद की आत्महत्या

HIGHLIGHTS
- गुरुग्राम के सेक्टर-55 पीजी में एआई इंजीनियर युवती की हत्या के बाद युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
- मृतक युवक और युवती एक ही निजी कंपनी में काम करते थे, पुलिस दोनों के रिश्ते और विवाद की वजह तलाश रही है।
- पुलिस मोबाइल चैट, कॉल डिटेल और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है, जबकि युवक के पिता ने बेटे को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
गुरुग्राम के सेक्टर-55 स्थित एक पीजी में युवती की हत्या और उसके बाद एआई इंजीनियर युवक की आत्महत्या के मामले ने पुलिस की जांच को उलझा दिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि युवक ने प्रेमिका की कथित हत्या के बाद ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। अब पुलिस दोनों के बीच संबंध, विवाद की वजह और घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के सीतापुर निवासी 24 वर्षीय इशारा अयुबी और छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी 25 वर्षीय श्रेष्ठ मलिक के रूप में हुई है। दोनों गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे और वहीं से उनके बीच पहचान होने की बात सामने आई है।
परिवार की सूचना पर खुला मामला
पुलिस के मुताबिक, इशारा अयुबी के परिवार वाले लगातार उसे फोन कर रहे थे, लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा था। इसके बाद वे गुरुग्राम पहुंचे और पुलिस से मदद मांगी। युवती के मोबाइल की आखिरी लोकेशन के आधार पर पुलिस सेक्टर-55 स्थित पीजी पहुंची।
पीजी में पूछताछ के दौरान पता चला कि चौथी मंजिल पर रहने वाला श्रेष्ठ मलिक युवती को जानता था। जब पुलिस ने उसके कमरे की जांच की तो अंदर युवती का शव खून से लथपथ हालत में मिला। प्रारंभिक जांच में उसके गले पर धारदार हथियार से हमला किए जाने की बात सामने आई है।
घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का शव
युवती की हत्या की जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि श्रेष्ठ मलिक ने उसी दिन ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली थी। जीआरपी को उसका शव गुरुग्राम रेलवे स्टेशन और गढ़ी हरसरू रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर मिला था।
पुलिस के अनुसार, युवक की पहचान उसके पास मिले मोबाइल फोन से हुई। उसके परिवार को घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
मोबाइल चैट और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब दोनों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि हत्या की वजह और दोनों के बीच चल रहे विवाद का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
एसीपी सदर धर्मबीर सिंह ने बताया कि दोनों के रिश्तों और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
युवक के पिता ने बेटे को बताया निर्दोष
श्रेष्ठ मलिक के पिता दीपक मलिक ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे ने कभी किसी युवती के बारे में परिवार को जानकारी नहीं दी थी। उन्होंने दावा किया कि घटना से पहले बेटे ने अपने भाई को फोन कर बताया था कि एक युवती उसे धमकी देकर गई है।
उन्होंने कहा कि उनका बेटा किसी की हत्या नहीं कर सकता और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
शुक्रवार को पीजी पहुंची थी युवती
जांच में यह भी सामने आया है कि इशारा अयुबी शुक्रवार को अपना सामान लेकर श्रेष्ठ मलिक के पीजी कमरे में आई थी। दोनों एक ही कंपनी में काम करते थे और वहीं उनकी दोस्ती हुई थी।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शनिवार को दोनों के बीच ऐसा क्या हुआ, जिसके बाद यह गंभीर घटना सामने आई। पुलिस युवती और युवक के दोस्तों से भी पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।
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