पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थक नेताओं ने शनिवार को चंडीगढ़ में पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की और शक्ति प्रदर्शन किया। नेताओं ने साफ संकेत दिए कि वे मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व से संतुष्ट नहीं हैं।
भूपेश बघेल नाराज नेताओं से बातचीत कर स्थिति संभालने के लिए विधायक राणा गुरजीत सिंह के आवास पहुंचे थे, लेकिन यहां उन्हें चन्नी समर्थक नेताओं की बड़ी मौजूदगी का सामना करना पड़ा। बैठक में नेताओं ने अपनी मांगें रखते हुए कहा कि पंजाब कांग्रेस को ऐसा नेतृत्व चाहिए जो राज्य सरकार के खिलाफ मजबूती से आवाज उठा सके।
चन्नी को बताया सर्वमान्य चेहरा
बैठक में मौजूद नेताओं ने चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब कांग्रेस का बड़ा और स्वीकार्य चेहरा बताया। नेताओं का कहना था कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन की कमान ऐसे नेता के हाथों में होनी चाहिए, जो पार्टी को मजबूती दे सके। चन्नी के समर्थन में कई नेताओं ने बैठक के दौरान अपनी सहमति जताई।
बताया गया कि बैठक में 92 विधानसभा क्षेत्रों के 82 हलका प्रभारी, 12 विधायक, तीन सांसद, कई पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री मौजूद रहे। कांग्रेस के सह प्रभारी सूरज सिंह ठाकुर भी बैठक में शामिल हुए।
चन्नी ने पद छोड़ने के दिए संकेत
बैठक के दौरान चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि अगर उनकी भूमिका को महत्व नहीं दिया जाता है तो वह चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष पद पर बने रहने को लेकर दोबारा विचार कर सकते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर वह पद छोड़कर पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर पार्टी के लिए प्रचार करेंगे।
वहीं विधायक परगट सिंह ने कहा कि इसे बगावत नहीं बल्कि पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की चिंताओं के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने हाईकमान से इस मामले पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
बघेल बोले- नेताओं की बात हाईकमान तक पहुंचाएंगे
बैठक के बाद पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा कि सभी नेताओं की बात सुन ली गई है और उनकी भावनाओं से पार्टी हाईकमान को अवगत कराया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव समितियों को लेकर पार्टी नेतृत्व जो फैसला ले चुका है, उसमें फिलहाल बदलाव नहीं होगा।
बघेल ने कहा कि कांग्रेस एक परिवार की तरह है और अंदर की बातें बातचीत से सुलझाई जाती हैं। उन्होंने दोहराया कि पार्टी में ऐसे किसी नेता के लिए जगह नहीं होगी, जो संगठन के हितों के खिलाफ काम करे।
रंधावा ने भी उठाए संगठन पर सवाल
पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि उनकी राजा वड़िंग से कोई व्यक्तिगत नाराजगी नहीं है, लेकिन प्रदेश नेतृत्व को सरकार के खिलाफ ज्यादा आक्रामक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नेताओं ने अपनी बात प्रभारी के सामने रख दी है और अब हाईकमान को इस पर फैसला लेना होगा।
रंधावा ने कहा कि कई बार राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए पार्टी नेतृत्व को अपने फैसलों पर पुनर्विचार करना पड़ता है।
चन्नी बोले- अब हाईकमान के फैसले का इंतजार
बैठक के बाद चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि सभी नेताओं ने अपनी राय प्रभारी के सामने रख दी है। अब अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान को करना है। उन्होंने कहा कि आगे की स्थिति हाईकमान के रुख पर निर्भर करेगी।
राजा वड़िंग ने कहा- मैं समझौतावादी नेता नहीं
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि वह किसी भी तरह के समझौतावादी नेता नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर वह और रंधावा लंबे समय तक साथ काम करते रहे हैं तो यह दिखाता है कि उनके बीच विश्वास है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मजबूत नेतृत्व की जरूरत है और वह भी पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.