मुजफ्फरनगर: कांवड़ यात्रा में तय मानकों से बाहर DJ चला तो होगी कानूनी कार्रवाई

HIGHLIGHTS
- कांवड़ यात्रा से पहले मुजफ्फरनगर प्रशासन ने डीजे संचालकों के लिए सख्त नियम जारी किए हैं।
- तय मानकों से बाहर डीजे चलाने पर जब्ती, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मुजफ्फरनगर। सावन मास की कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए मुजफ्फरनगर पुलिस और जिला प्रशासन ने डीजे संचालकों के लिए सख्त नियम लागू कर दिए हैं। रविवार दोपहर पुलिस लाइन सभागार में आयोजित बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस बार यात्रा के दौरान तय मानकों का उल्लंघन करने वाले किसी भी डीजे को अनुमति नहीं दी जाएगी। नियम तोड़ने पर डीजे जब्त करने से लेकर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई तक की जाएगी।
बैठक में अधिकारियों ने शासन और न्यायालय के दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि कांवड़ यात्रा में शामिल डीजे की अधिकतम ऊंचाई 10 फीट, चौड़ाई 12 फीट और ध्वनि स्तर 75 डेसिबल से अधिक नहीं होना चाहिए। सभी संचालकों को इन मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस ने चेतावनी दी कि यदि यात्रा के दौरान कोई डीजे निर्धारित सीमा से बड़ा या अधिक ध्वनि स्तर पर संचालित मिलता है तो उसे मौके पर ही जब्त किया जा सकता है। ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS), ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम-2000 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। गंभीर उल्लंघन की स्थिति में संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है।
बैठक के दौरान सभी डीजे संचालकों से लिखित सहमति पत्र और घोषणापत्र पर हस्ताक्षर कराए गए। इसमें उन्होंने शासन द्वारा तय सभी नियमों का पालन करने का आश्वासन दिया। साथ ही निर्देश दिए गए कि वे कांवड़ समितियों को भी पहले से इन नियमों की जानकारी दें, ताकि यात्रा के दौरान किसी तरह की असुविधा या विवाद की स्थिति न बने।
अधिकारियों ने यह भी साफ किया कि कांवड़ यात्रा में केवल धार्मिक और भक्ति गीत ही बजाए जाएंगे। किसी भी प्रकार के जातीय, सांप्रदायिक या सामाजिक तनाव पैदा करने वाले गाने अथवा आपत्तिजनक ऑडियो सामग्री के प्रसारण पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों और संबंधित कांवड़ समितियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हरिद्वार जाने वाले प्रमुख कांवड़ मार्ग का अहम हिस्सा होने के कारण मुजफ्फरनगर में हर वर्ष लाखों शिवभक्त पहुंचते हैं। प्रशासन का कहना है कि बड़े आकार के डीजे और तेज ध्वनि के कारण पूर्व में कई बार यातायात और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं सामने आई थीं। इन्हीं अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार पहले से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
सीओ सदर राजू कुमार साव ने बताया कि जनपद के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से आने वाले डीजे संचालकों को भी बैठक में बुलाकर नियमों की जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि पूरी कांवड़ यात्रा के दौरान विशेष निगरानी रखी जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों की अनदेखी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
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