तुर्कमान गेट मामला: फर्जी ऑडियो संदेशों से हिंसा भड़काने वाले 11 गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को बताया कि तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद को तोड़ने की अफवाह फैलाने वाले कई व्हाट्सएप ग्रुप हिंसा के फैलाव में अहम भूमिका निभा रहे थे। अधिकारियों ने कहा कि गलत सूचना रोकने के लिए पहले से ही कदम उठाए गए थे, और कई ग्रुपों में इस अफवाह का खंडन भी किया गया। इससे भीड़ को नियंत्रित रखने और बड़े पैमाने पर लोगों के जुटने से रोकने में मदद मिली।
पुलिस ने बताया कि करीब चार-पांच व्हाट्सएप ग्रुपों पर निगरानी रखी गई। घटना से ठीक पहले कोई नया ग्रुप बनाने का संकेत नहीं मिला, लेकिन यह जांच का विषय है कि अफवाहें पहले से योजनाबद्ध थीं या नहीं। अफवाह का पता चलते ही पुलिस सक्रिय हुई और एसीपी व एसएचओ ने समुदाय के वरिष्ठों, धार्मिक नेताओं और अमन समिति के सदस्यों से बात कर आश्वासन दिया कि मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।
मौलवियों से की बैठक, समझाया मस्जिद सुरक्षित
मध्य जिले के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त निधिन वल्सन ने बताया कि कुछ दिन पहले 120 से अधिक मौलवियों के साथ बैठक की गई थी। इसमें स्पष्ट किया गया कि केवल अवैध अतिक्रमण हटाया जाएगा, मस्जिद इससे बाहर है। धार्मिक नेताओं को अदालत के आदेश को चुनौती देने के कानूनी विकल्पों के बारे में भी जानकारी दी गई।
हिंसा में छह और गिरफ्तार, कुल गिरफ्तारी 11
मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने छह और लोगों को गिरफ्तार किया। अब तक 11 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि 50 से अधिक की पहचान की जा चुकी है। गिरफ्तारियों में अफान, आदिल, शाहनवाज, हमजा, अतहर और उबैद शामिल हैं। एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।
अतिक्रमण हटाने का काम जारी
तुर्कमान गेट के पास अवैध निर्माण को बुलडोजर और क्रेन से ध्वस्त किया गया। मलबा हटाने का काम लगातार जारी है। पुलिस उपायुक्त निधिन वल्सन ने बताया कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम मामले की जांच कर रही है। CCTV फुटेज, बॉडी वॉर कैमरा और ड्रोन वीडियो से उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। हिंसा में लगभग 150–200 लोग शामिल थे।
सांसद और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर भी जांच में
पुलिस ने बताया कि यूपी के रामपुर से सांसद मोहिबुल्लाह नदवी भी मीटिंग के लिए इलाके में थे। उन पर लोगों को भड़काने के आरोप हैं। साथ ही कई सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर पर भी संदेह है और उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
सुरक्षा कड़ी, अर्द्धसैनिक बल तैनात
रामलीला मैदान से तुर्कमान गेट तक जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया गया। पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की कई कंपनियां मौके पर तैनात हैं। डीसीपी, संयुक्त पुलिस उपायुक्त और अन्य अधिकारी स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
मामले का पूरा विवरण
मंगलवार को अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान 150–200 उपद्रवियों ने देर रात पुलिस पर पथराव किया। पांच पुलिसकर्मी घायल हुए। कुछ शरारती तत्वों ने अफवाह फैलाई कि मस्जिद तोड़ी जाएगी, जिससे हिंसा भड़क गई। पुलिस ने लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोले चलाकर स्थिति को नियंत्रण में किया।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.