सासाराम। जनसुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले केवल युवाओं का पलायन होता था, लेकिन अब मुख्यमंत्री भी पलायन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनाव के समय अपराध, भ्रष्टाचार और पलायन रोकने के वादे किए थे, लेकिन आज स्थिति पहले से भी बदतर हो गई है।

पलायन और बिहार की स्थिति

प्रशांत किशोर ने पलायन पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि पिछले वर्ष नवंबर के बाद से बिहार के 50 से ज्यादा लोग अन्य राज्यों में मौत के शिकार हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक लोग धर्म, जाति और पैसों के लालच में वोट देंगे, बिहार की स्थिति में सुधार नहीं होगा।

पिछली हार पर प्रतिक्रिया

पिछले विधानसभा चुनाव में मिली हार पर बोलते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्होंने जाति, धर्म और पैसों के प्रलोभन की राजनीति न करके गलती की। उन्होंने ईमानदारी से बिहार के बच्चों के भविष्य के लिए वोट की अपील की, लेकिन जनता ने उनकी बात नहीं समझी। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक बिहार में सुधार नहीं होगा, जनसुराज अपने प्रयास जारी रखेगा।

मुख्यमंत्री पर तंज

प्रशांत किशोर ने कहा कि जब उन्होंने पहले कहा था कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने रहने के योग्य नहीं हैं, तो लोग उनका मजाक उड़ाते थे। लेकिन पिछले एक साल में स्थिति स्पष्ट हुई कि मुख्यमंत्री की मानसिक और शारीरिक स्थिति अब इस पद के लिए अनुकूल नहीं रही। उन्होंने कहा कि 202 विधायकों के समर्थन के बावजूद भी नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने रहने की स्थिति में नहीं हैं।

निशांत कुमार का स्वागत और परिवारवाद पर निशाना

निशांत कुमार के राजनीति में आने पर प्रशांत किशोर ने कहा कि हर किसी को राजनीति में आने का अधिकार है और उनका स्वागत किया जाता है। हालांकि उन्होंने परिवारवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कई नेताओं ने अपने बच्चों के लिए राजनीतिक रास्ता तैयार कर दिया है, लेकिन जनता अपने बच्चों के भविष्य की चिंता नहीं कर रही।

जनसुराज के आगामी प्रयास

प्रशांत किशोर ने घोषणा की कि बिहार में नवनिर्माण और व्यवस्था सुधार के लिए जनसुराज अगले छह महीनों में फिर से पूरी सक्रियता से अभियान शुरू करेगा। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक जिले में तीन दिन का प्रवास करने और कार्यकर्ताओं के सुझावों से संगठन को पुनर्गठित करने की योजना साझा की।