बिहार में एनडीए सरकार के गठन के बाद जिला स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सरकार ने जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष सह प्रभारी मंत्री के रूप में 25 मंत्रियों की नई सूची जारी की है। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि पूर्व में जारी सभी आदेशों को रद्द करते हुए यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की गई है, जो अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगी।
नई सूची के अनुसार, प्रत्येक प्रभारी मंत्री को एक या एक से अधिक जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पटना जिले की निगरानी का दायित्व उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सौंपा गया है। वहीं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को मुजफ्फरपुर और भोजपुर की जिम्मेदारी दी गई है। विजय कुमार चौधरी को पूर्वी चंपारण और नालंदा, जबकि विजेंद्र प्रसाद यादव को वैशाली और सारण जिले का प्रभारी बनाया गया है।
इसके अलावा श्रवण कुमार को समस्तीपुर और पूर्णिया, मंगल पांडेय को दरभंगा और पश्चिमी चंपारण, डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल को भागलपुर और गया तथा अशोक चौधरी को सीतामढ़ी, शिवहर और जहानाबाद जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अन्य मंत्रियों में लेसी सिंह को मधुबनी, मदन सहनी को मधेपुरा, सुपौल और खगड़िया, रामकृपाल यादव को कैमूर, संतोष कुमार सुमन को औरंगाबाद, जमा खान को किशनगंज और शेखपुरा, संजय सिंह ‘टाइगर’ को बांका, अरुण शंकर प्रसाद को बेगूसराय, सुरेंद्र मेहता को कटिहार और नारायण प्रसाद को गोपालगंज का प्रभारी बनाया गया है।
इसी क्रम में रमा निषाद को बक्सर, लखेंद्र कुमार रौशन को अररिया, श्रेयसी सिंह को नवादा, प्रमोद कुमार को सहरसा और सीवान, संजय कुमार को मुंगेर, संजय कुमार सिंह को जमुई तथा दीपक प्रकाश को अरवल जिले की जिम्मेदारी दी गई है।
राज्य सरकार का कहना है कि प्रभारी मंत्रियों की तैनाती से जिलों में विकास योजनाओं की निगरानी बेहतर होगी, प्रशासनिक समन्वय मजबूत होगा और आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान संभव हो सकेगा। यह पहल सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने में अहम भूमिका निभाएगी।