आरा। बिहार के भोजपुर जिले में बुधवार सुबह एक पुलिस कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ ने सनसनी फैला दी। शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस और हथियारबंद युवक के बीच हुई गोलीबारी में घायल हुए युवक की बाद में पटना में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान 30 वर्षीय भरत भूषण तिवारी के रूप में हुई है, जो गांव के ही निवासी थे।

पुलिस के अनुसार, घटना से पहले भरत भूषण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें वह कथित तौर पर हथियार लहराते और पुलिसकर्मियों को चुनौती देते दिखाई दे रहा था। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और एसटीएफ की टीम गांव पहुंची और युवक को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन उसने कथित रूप से फायरिंग शुरू कर दी।

भोजपुर के पुलिस अधीक्षक राज ने बताया कि सुरक्षा बलों ने युवक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह रुक-रुककर पुलिस टीम पर गोली चलाता रहा। इससे मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया। इसके बाद एसटीएफ जवानों ने बुलेटप्रूफ जैकेट के साथ उसकी घेराबंदी की। पुलिस का दावा है कि जवाबी कार्रवाई के दौरान युवक के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे काबू कर लिया गया।

घायल भरत को पहले आरा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे गंभीर स्थिति में पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने मौके से एक पिस्टल, दो कारतूस, एक मैगजीन और दो खोखे बरामद करने का दावा किया है। अधिकारियों के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान दोनों पक्षों की ओर से कई राउंड फायरिंग हुई। भरत भूषण के शरीर में घुटनों और जांघ के हिस्से में गोलियां लगी थीं।

जानकारी के अनुसार, भरत भूषण पहले भी पुलिस कार्रवाई का सामना कर चुका था। लगभग एक वर्ष पहले उसे सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस अधिकारियों से विवाद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

घटना के दौरान युवक लगातार फेसबुक लाइव भी कर रहा था। स्थानीय लोगों के मुताबिक वह एक हाथ में मोबाइल और दूसरे में पिस्टल लेकर छत पर खड़ा था तथा पुलिस को खुली चुनौती दे रहा था। उसके सोशल मीडिया अकाउंट से इस घटनाक्रम के कई वीडियो भी प्रसारित हुए।

पुलिस का कहना है कि घेराबंदी के दौरान अधिकारियों ने उसे शांतिपूर्वक आत्मसमर्पण के लिए मनाने की कोशिश की। युवक ने कथित तौर पर कुछ मांगें भी रखीं और भरोसा मिलने पर हथियार नीचे फेंक दिया। हालांकि, पुलिस के अनुसार जब जवान उसे पकड़ने के लिए आगे बढ़े तो उसने दोबारा हथियार उठाने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।

फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस मुठभेड़ से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है।