दिल्ली: पूर्व राज्यसभा सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री आई. के. गुजराल के पुत्र नरेश गुजराल साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। इस मामले में जालसाजों ने मैसेजिंग ऐप पर उनकी प्रोफाइल फोटो का दुरुपयोग करते हुए उनकी पहचान की नकल की और उनकी कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) को झांसे में लेकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी कर डाली। इस घटना में कुल 7.8 करोड़ रुपये का नुकसान बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला 12 जून से 16 जून के बीच सामने आया। आरोपियों ने नरेश गुजराल की डिस्प्ले पिक्चर का इस्तेमाल कर एक फर्जी अकाउंट बनाया और कंपनी के वित्तीय अधिकारी से संपर्क किया। खुद को नरेश गुजराल बताते हुए उन्होंने “तत्काल कारोबारी जरूरतों” का हवाला देकर कई बड़े ट्रांजैक्शन करने के निर्देश दिए। भरोसे में आकर कर्मचारी ने चार दिनों के भीतर चार अलग-अलग आरटीजीएस ट्रांजैक्शन कर दिए।
जांच में सामने आया है कि इन लेनदेन के जरिए कंपनी को करीब 7.8 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह मामला 16 जून को तब उजागर हुआ जब गुजराल की बेटी ने कुछ संदिग्ध ट्रांजैक्शन देखे और तुरंत इसकी जानकारी अपने पिता को दी। पुष्टि करने पर साफ हुआ कि नरेश गुजराल ने ऐसे कोई निर्देश दिए ही नहीं थे।
इसके बाद तुरंत साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराई गई और 16 जून 2026 को एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अब तक लगभग 4.28 करोड़ रुपये अलग-अलग बैंकों में फ्रीज कर दिए हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि ठगी की गई रकम पहले महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के चार अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी, जहां प्रत्येक खाते में 1 से 2 करोड़ रुपये भेजे गए। इसके बाद यह रकम 30 से अधिक खातों में घुमाई गई और फिर म्यूल अकाउंट्स के जरिए आगे ट्रांसफर कर दी गई, ताकि पैसे का पता लगाना मुश्किल हो जाए।
साइबर जांच एजेंसियां अब पूरी मनी ट्रेल को ट्रैक कर रही हैं और लाभार्थियों की पहचान की कोशिश की जा रही है। वहीं नरेश गुजराल ने बताया कि समय रहते शिकायत दर्ज कराने से बड़ी राशि को फ्रीज कर लिया गया और 70 प्रतिशत से अधिक रकम रिकवर होने की उम्मीद है। पुलिस मामले में शामिल सभी आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।