पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अनुमति मिलने के बाद उनके पुत्र निशांत कुमार शनिवार की सुबह राजनीति के सक्रिय मोर्चे पर आ गए। उन्होंने संजय झा के आवास पर 29 विधायकों के साथ बैठक की, जिसमें शराबन कुमार और विजय चौधरी भी शामिल थे। बैठक में आगामी राजनीतिक रणनीति और आगे की कार्रवाई पर चर्चा की गई। इसी दिन नीतीश कुमार अपने गृह क्षेत्र बख्तियारपुर जाएंगे, जहां वे विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे।

जदयू कार्यकर्ताओं के विरोध के कारण आपात बैठक

मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने की योजना पर जदयू कार्यकर्ता आक्रोशित थे। उनका गुस्सा इतना बढ़ गया कि सीएम हाउस में जाने वाले संजय गांधी को भी कार्यकर्ताओं ने रोक दिया। इसी बीच, जदयू के प्रदेश कार्यालय में भी हंगामा चलता रहा। ऐसे हालात में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री आवास में विधायकों और एमएलसी के साथ आपात बैठक करनी पड़ी, जिसमें उन्होंने नेताओं से शांत रहने और विवाद को बढ़ने से रोकने की अपील की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भावुक भी दिखाई दिए।

महिला कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाए

इस विवाद में पुरुष कार्यकर्ताओं के साथ-साथ महिला कार्यकर्ता भी मुख्यमंत्री के निर्णय से नाराज दिखीं। उन्होंने इस स्थिति के लिए अपने वरिष्ठ नेताओं संजय गांधी, संजय झा, ललन सिंह और विजय चौधरी को जिम्मेदार ठहराया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर इन नेताओं ने पार्टी को नुकसान पहुँचाने का काम किया। उन्होंने खुला बयान देते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री राज्यसभा जाते हैं, तो वे और अन्य महिलाएं आत्मदाह तक करने के लिए मजबूर हो सकती हैं।