छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित इलाके में हुए एक दर्दनाक हादसे में सुरक्षा बल के चार जवान शहीद हो गए हैं। यह घटना कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा पर स्थित जंगल क्षेत्र में डी-माइनिंग ऑपरेशन के दौरान हुई, जहां नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी को निष्क्रिय किया जा रहा था।
जानकारी के मुताबिक, छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के कोरोसकोड़ा इलाके में डीआरजी की टीम सर्चिंग और माइनिंग ऑपरेशन पर निकली थी। इसी दौरान आईईडी ब्लास्ट हो गया और चार जवान उसकी चपेट में आ गए। तीन जवानों की मौत मौके पर ही हो गई, जबकि एक जवान ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
कांकेर एसपी निखिल राखेचा ने बताया कि यह पूरा अभियान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए विस्फोटकों की तलाश और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए चलाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि घटना को लेकर विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी।
घायल जवानों में इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, संजय गढपाले और परमानंद कोमरा शामिल थे। इनमें से तीन जवानों ने मौके पर ही और एक ने इलाज के दौरान शहादत प्राप्त की।
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पट्टिलिंगम ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में मिले इनपुट के आधार पर सुरक्षा बल लगातार सर्च अभियान चला रहे थे और बड़ी संख्या में आईईडी बरामद कर निष्क्रिय भी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि आज की कार्रवाई के दौरान अचानक विस्फोट होने से यह दुखद हादसा हुआ, जिसमें चार जवान शहीद हो गए और एक जवान घायल हुआ है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है।