सरगुजा। जिले में धर्मांतरण के एक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर ओमेगा टोप्पो को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, गांधीनगर थाना क्षेत्र के नमनाकला स्थित उनके आवास पर पिछले करीब एक साल से हर रविवार को चंगाई सभाएं आयोजित की जा रही थीं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते थे।

हिंदू संगठनों का आरोप और पुलिस कार्रवाई
हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि इन सभाओं के माध्यम से लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। 26 जनवरी को चंगाई सभा की सूचना मिलने पर संगठन के सदस्य मौके पर पहुंचे और पुलिस को मामले की जानकारी दी। सभाओं में लगभग 50–60 लोग मौजूद रहते थे और चार-पांच लोगों का धर्मांतरण कराने का प्रयास किया जा रहा था।

सूचना मिलने पर गांधीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आयोजकों ने पुलिस को सभा स्थल में प्रवेश करने से रोक दिया और पहचान पत्र व कार्रवाई के आदेश दिखाने की मांग की। इस दौरान पुलिस ने सभा में मौजूद लोगों के नाम और हस्ताक्षर वाला रजिस्टर जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला कि सभा आयोजित करने के लिए किसी प्रकार की पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी।

गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
हिंदू संगठनों से जुड़े रोशन तिवारी की शिकायत पर पुलिस ने ओमेगा टोप्पो और अन्य लोगों के खिलाफ धारा 270, 299 बीएनएस और छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 5(क) के तहत मामला दर्ज किया था। पूछताछ के लिए बुलाए जाने पर ओमेगा टोप्पो फरार हो गई थीं, लेकिन बाद में उनके घर लौटने की सूचना मिलने पर पुलिस ने दबिश देकर 66 वर्षीय उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है।