नक्सलियों के रणनीतिक दिमाग माने जाने वाले गणपति को नेपाल से गिरफ्तार कर पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस गिरफ्तारी ने नक्सलियों के संगठन को भारी झटका दिया है और माना जा रहा है कि कुछ और नक्सली भी आत्मसमर्पण कर सकते हैं।
गणपति की गिरफ्तारी ने दिया झटका
गणपति, जो नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी के सचिव (2004-2018) और पोलिट ब्यूरो के सदस्य रहे हैं, लंबे समय से पुलिस की निगरानी में थे। कई हमलों में उनके नाम की छाया रही है। पुलिस की अलग-अलग टीमों द्वारा की गई लगातार जांच और निगरानी के बाद नेपाल से उनकी गिरफ्तारी ने नक्सलियों के संगठन को गहरा धक्का पहुंचाया है।
आत्मसमर्पण की संभावना बढ़ी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गणपति जैसे बड़े नेता की गिरफ्तारी ने अन्य नक्सलियों का मनोबल तोड़ दिया है। इसी के चलते अनुमान लगाया जा रहा है कि पूर्वी बस्तर डिवीजन कमेटी के डीवीसीएम स्तर के लगभग 15 नक्सली अपने हथियार लेकर आत्मसमर्पण कर सकते हैं। पुलिस इस आत्मसमर्पण की आधिकारिक जानकारी अगले एक-दो दिन में साझा कर सकती है।
पुलिस की रणनीति सफल
गणपति की गिरफ्तारी न केवल पुलिस के लिए बड़ी सफलता है, बल्कि इससे नक्सलियों के खिलाफ चल रही कई जांच और सुरक्षा प्रयासों को भी बल मिला है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी से अन्य नक्सली नेताओं और टीमों पर भी दबाव बढ़ेगा।