सूरजपुर जिले के कोयलांचल क्षेत्र में भटगांव में होली के दिन एक दुखद घटना हुई। यहां एसईसीएल की बंद खदान में बनी नीली झील में 15 वर्षीय किशोर विकास ठाकुर डूब गया। सूचना मिलते ही भटगांव पुलिस, डीडीआरएफ और एसईसीएल बचाव दल ने संयुक्त अभियान चलाकर शव को बाहर निकाला।

जानकारी के अनुसार, विकास ठाकुर भटगांव की बी-टाइप कॉलोनी का निवासी था। होली के दिन दोपहर साढ़े तीन बजे वह घर से बिना बताए निकला और देर शाम तक वापस नहीं लौटा। परिवार ने मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। काफी खोजबीन के बाद परिजनों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी।

पुलिस ने साइबर टीम की मदद से किशोर के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की। पता चला कि उसका मोबाइल बंद खदान की नीली झील के पास था। मौके पर पहुंची पुलिस ने झील किनारे किशोर के कपड़े देखे, लेकिन पानी गहरा होने और रात होने के कारण शव को उसी समय बाहर नहीं निकाल सकी।

अगले दिन सुबह पुलिस, डीडीआरएफ और एसईसीएल बचाव दल के संयुक्त प्रयास से लगभग 11 बजे किशोर का शव झील से बाहर निकाला गया। प्रारंभिक जांच से प्रतीत होता है कि वह दोस्तों के साथ नहाने गया था और गहरे पानी में डूबने के कारण उसकी मौत हुई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भटगांव अस्पताल भेजा गया और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।

विकास अपने परिवार के साथ वार्ड 15 में रहता था। बड़ी भाई अंबिकापुर में मेन्द्राकला क्षेत्र में हजामत का काम करता है। जीविकोपार्जन के लिए विकास चाट-फुल्की की दुकान में हेल्पर के रूप में कार्य करता था।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बंद खदानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता और आक्रोश जताया है। उनका कहना है कि खानों में न तो घेराबंदी है और न ही कोई सतत निगरानी, जबकि कोयला खनन के बाद पानी भर जाने से ये गड्ढे खतरनाक झील का रूप ले चुके हैं। लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि इन खदानों में सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए जाएँ।