‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट को भारत में ब्लॉक किए जाने के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। हालांकि, हाई कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से अकाउंट को बहाल करने का कोई आदेश देने से इनकार कर दिया।

यह सुनवाई पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके द्वारा दायर याचिका पर की गई। उनकी याचिका में आरोप लगाया गया है कि उनके व्यंग्यात्मक डिजिटल संगठन के एक्स अकाउंट को बिना उचित कारण ब्लॉक कर दिया गया। मामले की सुनवाई जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ के समक्ष हुई।

व्यंग्यात्मक संगठन से शुरू हुआ विवाद

अभिजीत दीपके, जो पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े रह चुके हैं, ने 15 मई को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की शुरुआत की थी। यह पहल उस समय सामने आई जब मुख्य न्यायाधीश से जुड़ी एक टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हुआ था, जिसमें “कॉकरोच और परजीवी” जैसे शब्दों का उल्लेख चर्चा में रहा।

बाद में 16 मई को मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया था कि उनकी टिप्पणी फर्जी और बोगस डिग्री के आधार पर वकालत करने वालों को लेकर थी, न कि किसी विशेष समूह या युवाओं के खिलाफ। उन्होंने मीडिया रिपोर्टिंग पर भी आपत्ति जताई थी, जिसमें उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत करने की बात कही गई थी।

अकाउंट ब्लॉक के बाद नया हैंडल सक्रिय

21 मई को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का मूल एक्स हैंडल भारत में ब्लॉक कर दिया गया था। इसके बाद संगठन ने एक नया अकाउंट ‘कॉकरोच इज बैक’ नाम से शुरू किया, जो तेजी से लोकप्रिय हुआ और इसके फॉलोअर्स की संख्या 2.27 लाख से अधिक पहुंच गई है।

यह डिजिटल पहल अपने व्यंग्यात्मक स्वरूप और अनोखे प्रतीकवाद के कारण लगातार चर्चा में बनी हुई है। समर्थक इसे सरकार के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध के रूप में देख रहे हैं।