सहारनपुर के सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी क्षेत्र में बृहस्पतिवार देर रात अचानक आई बेमौसम बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। शिवालिक पहाड़ियों में हुई तेज बारिश के बाद पहाड़ों से उतरा पानी का सैलाब निचले इलाकों तक पहुंच गया, जिससे कई वाहन बह गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई। प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान शुरू किया।

तेज बहाव में बह गए वाहन, श्रद्धालुओं में मची भगदड़

जानकारी के अनुसार, रात में शिवालिक पहाड़ियों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण अचानक शाकंभरी क्षेत्र में पानी का तेज बहाव आ गया। कुछ ही समय में हालात बिगड़ गए और ट्रैक्टर-ट्रॉली, मोटरसाइकिल समेत कई वाहन पानी में बह गए।

मां शाकंभरी देवी के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु अचानक आए सैलाब से घबरा गए और इधर-उधर भागने लगे। स्थानीय लोगों ने भी स्थिति संभालने में मदद की और श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।

बहाव में बहीं दो महिलाएं, एक किलोमीटर दूर मिले शव

बाढ़ की चपेट में आने से दो महिलाएं बह गईं। पुलिस और ग्रामीणों ने देर रात से ही तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद दोनों महिलाओं के शव भूरादेव मंदिर के पास लगभग एक किलोमीटर दूर बरामद किए गए। फिलहाल दोनों की पहचान नहीं हो सकी है।

प्रशासन ने संभाला मोर्चा, राहत कार्य जारी

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। उपजिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह, तहसीलदार विजय कुमार, नायब तहसीलदार भूपेंद्र सिंह और कोतवाली प्रभारी सूबे सिंह ने हालात का जायजा लिया।

प्रशासन ने स्थानीय लोगों की मदद से प्रभावित श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में नदी-नालों और पहाड़ी क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।

आंधी-तूफान से भी भारी नुकसान, बिजली व्यवस्था ठप

रामपुर मनिहारान क्षेत्र में देर रात आए तेज तूफान ने भी व्यापक नुकसान पहुंचाया। देवबंद रोड पर पेड़ गिरने से कई विद्युत पोल टूट गए, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।

नई तहसील परिसर में वकीलों के कई चेंबर भी क्षतिग्रस्त हो गए, जहां छतों की सीमेंट शीट उड़ गई और अंदर रखा सामान खराब हो गया।

छुटमलपुर में दर्जनों गांव अंधेरे में, फसल को भी नुकसान

छुटमलपुर क्षेत्र में रात करीब 11 बजे आए आंधी-तूफान के बाद दो दर्जन से अधिक गांवों और नगर पंचायत की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कई जगह बिजली के खंभे गिर गए और लाइनों पर पेड़ टूटकर गिर पड़े।

बिजली विभाग के अनुसार टीमें लगातार मरम्मत कार्य में जुटी हैं, लेकिन आपूर्ति बहाल होने में समय लग सकता है। तूफान से आम और लीची के बागों को भी भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसानों को बड़ा झटका लगा है।