लखनऊ में तैनात एक महिला उपनिरीक्षक ने अपने ससुर पर दुष्कर्म और पति पर जानलेवा हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला अधिकारी का कहना है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की, जिसके विरोध में वह गुरुवार को अपने मायके पक्ष और किसान यूनियन के समर्थकों के साथ थाने पहुंचीं और प्रदर्शन किया।
करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने महिला दरोगा की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। दूसरी ओर, ससुराल पक्ष की ओर से भी बहू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।
प्रयागराज में तैनात हैं पीड़ित महिला दरोगा
महिला उपनिरीक्षक के अनुसार, उनकी वर्तमान पोस्टिंग प्रयागराज में है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष उनकी शादी लखनऊ के पारा क्षेत्र निवासी युवक से हुई थी। शादी के बाद से ही पति, सास, ससुर और ननद द्वारा कथित तौर पर जातिसूचक टिप्पणियां की जाती थीं और नौकरी छोड़ने का दबाव बनाया जाता था।
महिला का आरोप है कि उनके ससुर ने उनके साथ दुष्कर्म किया और बाद में उन्हें जहर देने की भी कोशिश की गई। उन्होंने दावा किया कि जब उनके पिता ससुराल पहुंचे तो परिवार के लोगों ने हथियार दिखाकर धमकी दी।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने पर प्रदर्शन
पीड़िता का कहना है कि चार दिन पहले पुलिस से शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर उन्होंने थाने पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान महिला दरोगा ने पुलिसकर्मियों पर भी लापरवाही और मिलीभगत के आरोप लगाए।
हंगामे के बीच महिला की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गईं, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
दोनों पक्षों पर दर्ज हुई एफआईआर
मामले को लेकर इंस्पेक्टर सुरेश सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।