2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपियों में शामिल पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को कड़कड़डूमा कोर्ट ने मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत दे दी है। हुसैन ने अपनी याचिका में इनगुइनल हर्निया का हवाला देते हुए कहा था कि उन्हें तुरंत सर्जरी और विशेष देखभाल की जरूरत है। अदालत ने दिल्ली सरकार को आदेश दिया है कि हुसैन की सर्जरी 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित की जाए और उसके बाद उन्हें अस्पताल व जेल दोनों जगह पूरी तरह चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
कोर्ट के अनुसार, सर्जरी के बाद संक्रमण से बचाव और उचित रिकवरी के लिए ताहिर हुसैन का जेल से बाहर रहना जरूरी है। अदालत ने इस मामले में विशेष ध्यान रखने का निर्देश देते हुए दिल्ली सरकार को जिम्मेदारी सौंपी है।
2020 में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में भड़के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में 53 लोग मारे गए थे। जांच एजेंसियों ने इसे सुनियोजित साजिश बताया था और ताहिर हुसैन को मुख्य आरोपी घोषित किया गया। जनवरी 2026 में उनकी नियमित जमानत भी कोर्ट ने खारिज कर दी थी।
इस मामले में अदालत ने साफ किया है कि स्वास्थ्य संबंधी आधारों पर ही अंतरिम जमानत दी जा रही है और इसके पालन में दिल्ली सरकार की जिम्मेदारी होगी।