नियम 134 ए के तहत प्राइवेट स्कूलों को एडमिशन न देने पर नोटिस भेजने के मामले पर सोमवार को पंजाब और हरियाणा हाइकोर्ट में सुनवाई होगी। नोटिस मिलने के बाद प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने इसके खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाइकोर्ट में कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट की याचिका दायर कर दी थी, जिस पर कोर्ट ने शिक्षा विभाग को नोटिस जारी किया था।
अब 21 मार्च को शिक्षा विभाग अपना पक्ष कोर्ट में रखेगा। बतां दे कि शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों को नियम 134 ए के तहत एडमिशन न देने पर नोटिस भेजने की प्रकिया शुरू की थी। सबसे पहले अंबाला के 59 स्कूलों को नोटिस भेजे गए। इस पर अंबाला के 31 स्कूलों ने शिक्षा विभाग को जवाब दिया कि उन्होंने पहले ही पंजाब और हरियाणा हाइकोर्ट में नियम 134 ए को लेकर याचिका दायर की है और कोर्ट के आदेश है कि शिक्षा विभाग किसी भी प्रकार का एक्शन स्कूलों पर नहीं लेगा।
नोटिस मिलने के बाद हरियाणा स्कूल प्रोग्रेसिव कॉन्फ्रेंस ने इसे कोर्ट की अवमानना बताते हुए कोर्ट में दोबारा याचिका दायर कर दी। कॉन्फ्रेंस के राज्य प्रवक्ता सौरभ कपूर का कहना है कि शिक्षा विभाग को 21 मार्च को जवाब देना है।
21 हजार बच्चों को मिला दाखिला
नियम 134 ए के तहत हरियाणा के प्राइवेट स्कूलों में 45279 बच्चों ने परीक्षा को क्वलीफाई किया। 21 हजार बच्चों के दाखिले मिले। 24 हजार 200 बच्चे वंचित है। इसमें 11706 बच्चों के दाखिले रद्द कर दिए गए, क्योंकि 1.80 लाख रुपए की इनकम का क्राइटेरिया पूरी नहीं कर रहे थे। इनकी आय जिला स्तर पर कमेटियों से भी जांच करवाई गई, लेकिन वेरीफाई नहीं हो पाई।